आगरा में यमुना पार के चार और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण लिंग परीक्षण का पाप चल रहा है। इन सेंटर संचालकों के दलाल भरतपुर, जयपुर, अलवर और ग्वालियर में सक्रिय है।
राजस्थान के पीसीपीएनडीटी दल को यह जानकारी हाल ही में गिरफ्तार किए गए हॉस्पिटल संचालक और दलाल से मिली है।इन सेंटरों पर छापामारी की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए स्टिंग का जाल बुना जा रहा है। दलालों के नंबर मिल चुके हैं। इन्हें सर्विलांस पर ले लिया गया है। डमी मरीज तैयार किए जा रहे हैं।
पीसीपीएनडीटी दल के बड़े अधिकारी ने बताया कि आगरा में यह गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। पंजीकृत ही नहीं, गैर पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर भी भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे हैं।
इनके अतिरिक्त फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद में झोलाछापों ने अल्ट्रासाउंड मशीनें रख ली हैं। इनके पास सोनोग्राफी की मशीन नहीं है, न ही तकनीकी एक्सपर्ट हैं।
ये सिर्फ परीक्षण के नाम पर बेवकूफ बनाकर पैसा ऐंठ रहे हैं। पहले आगरा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उदासीन बने थे लेकिन अब सक्रिय हो गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई होगी। इसकी तैयारी कर ली गई है।
हुई थी कार्रवाई
सोमवार को यमुनापार स्थित टेढ़ी बगिया के कृष्णा कालोनी क्षेत्र से रुखसार नाम की महिला और केडी हास्पिटल के संचालक देवेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया गया था।
महिला घर पर ही फीटल डॉप्लर से गर्भस्थ शिशु की धड़कन सुनाकर लोगों को बेवकूफ बनाती थी और भ्रूण परीक्षण की बात कहकर पैसा एेंठती थी। रुखसार एक वर्ष पहले भी भ्रूण परीक्षण में पकड़ी गई थी।