भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात कराने का आगरा ठिकाना बन गया है। इतना ही नहीं अजन्मी जान को मारने का ठेका लिया जाता है। गर्भपात कराने वाले गैंग के तार राजस्थान, मध्यप्रदेश तक जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में ऐसे कुछ बिंदु चिह्नित किए गए हैं।
कुंडौल में घर में चल रहे अवैध अस्पताल से गर्भपात के उपकरण और मशीन मिले थे। इसे सील कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक जांच में ग्वालियर, भरतपुर, राजस्थान, मुरैना के अलावा अन्य शहरों से भी ग्राहक आगरा लाए जाते हैं। इसमें एंबुलेंस चालक, झोलाछाप मध्यस्थता करते हैं।
अपंजीकृत अस्पताल नोडल प्रभारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि आगरा और इसकी सीमा से लगे राजस्थान, मध्यप्रदेश के एजेंट यह धंधा कर रहे हैं, अभी जांच में इनपुट मिला है। पूर्व में पकड़े गए एजेंटों की भी जानकारी खंगाली जा रही है।
25 से 40 हजार रुपये में करते हैं सौदा
भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात का ठेका लिया जाता है। 25 से 40 हजार रुपये में सौदा करते हैं। अभी तक पकड़े गए ऐसे लोगों से पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ था। इसमें सभी का तय कमीशन होता है। इससे पहले ट्रांस यमुना कॉलोनी में चमकलाल, रुख्सार और देवेंद्र पकड़े गए।
ये तीनों झोलाछाप थे, इनके पास राजस्थान के गांवों के ग्राहक आए थे। फतेहाबाद में भी ऐसा ही अवैध अस्पताल चल रहा था, जिसमें झोलाछाप छापे के दौरान भाग खड़ा हुआ। रुनकता में भ्रूण लिंग और गर्भपात कराने का खेल पकड़ा था।
झोलाछाप की आईएमए देगी सूचना
आईएमए ने सभी सदस्यों को निर्देशित किया है, उनके आसपास अगर कोई झोलाछाप क्लीनिक, अस्पताल एवं अन्य चिकित्सकीय संस्थान चलाता है तो उसकी सूचना कार्यकारिणी को दी जाए, इसकी रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी।
इस संबंध में आईएमए अध्यक्ष अशोक शिरोमणि ने बताया कि अपने सभी सदस्यों को अपने क्षेत्र में झोलाछाप की सूचना देने को कहा है, जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके।