मैनपुरी/बेवर/घिरोर/किशनी। नकली उर्वरकों की बिक्री रोकने और कालाबाजारी को खत्म करने के लिए कृषि विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को जिले भर में उर्वरकों की दुकानों का निरीक्षण कर नमूने भरे गए। साथ ही स्टॉक की जांच की गई। अभियान का नेतृत्व उप जिलाधिकारियों ने किया।
बेवर में उप जिलाधिकारी भोगांव सुधीर कुमार और जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने चेकिंग की। उन्होंने फर्रुखाबाद रोड स्थित किसान खाद भंडार पर निरीक्षण के दौरान जिंक, डीएपी, पोटाश, कैल्शियम और एनपीके समेत पांच सैंपल लिए। दुकान में रखे एक्सपायरी डेट के कीटनाशकों को दुकान में अलग काउंटर बनाकर रखने के निर्देश दिए। एसडीएम सुधीर कुमार ने संबंधित दुकान को दो दिन के लिए बंद करा दिया। इसके बाद अस्पताल तिराहा स्थित मैसर्स तिवारी एंड संस पर डीएपी और पोटाश का सैंपल लिया। क्षेत्राधिकारी भोगांव अमर बहादुर, कस्बा इंचार्ज विपिन तोमर भी मौजूद रहे।
इसके बाद कुरावली में जिला कृषि अधिकारी ने एसके फर्टिलाइजर से डीएपी और पोटाश का नमूना भी लिया। घिरोर में एसडीएम अनिल कुमार कटियार और जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया। उर्वरकों के नमूने लेने के साथ ही स्टॉक की भी जांच की। दुकानदारों को निर्धारित कीमतों पर ही यूरिया की बिक्री करने के आदेश दिए गए। किशनी में उप जिलाधिकारी ऋषिराज और उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया।
उन्होंने क्षेत्रीय सहकारी समिति किशनी पर पहुंचकर भी उर्वरक की उपलब्धता देखी। यहां यूरिया नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान कुल चार उर्वरकों के नमूने लिए गए। इसमें न्यू दुर्गा ट्रेडर्स कुसमरा से पोटाश, ब्रह्मानंद खाद भंडार किशनी से डीएपी और माइक्रो न्यूट्रिएंट, गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी रामनगर से सिंगल सुपर फॉस्फेट का नमूना लिया।