खेरागढ़ तहसील में कोटेदारों से बात करते जांच अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राशन माफिया से मिलीभगत के आरोपों में घिरीं महिला पीसीएस अधिकारी व पूर्व एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल के मामले में उच्च स्तरीय जांच टीम ने खेरागढ़ में कोटेदारों के बयान दर्ज किए। गाड़ी छुड़वाने की फाइल व अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
खेरागढ़ का राशन माफिया सुमित अग्रवाल जेल में निरुद्ध है। सुमित के खिलाफ राशन कालाबाजारी के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल को राशन माफिया सुमित अग्रवाल का रिश्तेदार बताया जाता है। राशन माफिया की एक गाड़ी पूर्ति विभाग ने छापा मारकर खेरागढ़ में पकड़ी थी। इसमें राशन का चावल भरा था। आरोप है कि इस गाड़ी को एडीएम नागरिक आपूर्ति ने छुड़वाया। राशन माफिया का भांडाफोड़ होने के बाद सितंबर 2024 में एडीएम नागरिक आपूर्ति को आगरा से हटा दिया गया।
जांच के लिए बुधवार को शासन से दो सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी आई। कमेटी में शामिल संयुक्त आयुक्त खाद्य अखिल सिंह और अपर आयुक्त विपणन राममूर्ति पांडेय ने कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम नागरिक आपूर्ति कार्यालय में दस्तावेज खंगाले। कई अहम सुराग मिले हैं। एडीएम आफिस कर्मियों के बयान भी दर्ज किए हैं। बृहस्पतिवार को खेरागढ़ में टीम ने कोटेदारों के बयान दर्ज किए। पूर्ति निरीक्षक से उस गाड़ी के संबंध में पत्रावली तलब की। इसके बाद तहसील में कोटेदारों की बैठक में उन्हें ईमानदारी का पाठ पढ़ाया। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को देगी।