मैनपुरी। गेहूं खरीद के 72 घंटे में किसानों को भुगतान के दावे जिले में फेल हो गए। खरीद बंद होने के दो सप्ताह बाद भी नौ सौ किसानों का भुगतान नहीं हो सका। एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) की ओर से खाद्य विपणन विभाग को धनराशि न दिए जाने के कारण यह समस्या आई है। निगम पर लगभग छह करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है। भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए कुल 84 केंद्र बनाए गए थे। इन पर 15 जून तक गेहूं की खरीद की जानी थी। 15 जून के बाद शासन ने सात दिन का समय और बढ़ा दिया। इसके चलते 22 जून तक खरीद की गई। सभी केंद्रों पर 22617 किसानों से 90973 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। खरीद के बाद अब तक नौ सौ किसानों का भुगतान नहीं किया जा सका है। इन किसानों का लगभग छह करोड़ रुपये भुगतान के लिए बकाया है।
ऐसे में किसान परेशान हैं। बताया जा रहा है कि एफसीआई ने अब तक खाद्य एवं विपणन विभाग को छह करोड़ की धनराशि हस्तांतरित नहीं की है। इसके चलते विभाग किसानों को भुगतान करने में असमर्थ है। हालांकि विभागीय अधिकारी इस सप्ताह धनराशि मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। साथ ही धनराशि मिलते ही दो दिन में पूर्ण भुगतान का दावा भी कर रहे हैं।
फैक्ट फाइल
- 84 क्रय केंद्र बनाए गए थे
- 90973 मीट्रिक टन हुई खरीद
- 22617 किसानों से हुई गेहूं खरीद
- 900 किसानों का भुगतान है बकाया
- 06 करोड़ की धनराशि है बकाया
किसानों की बात
सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बिक्री के बाद भुगतान की समस्या आती ही है। कई बार किसानों को खाते में समस्या व अन्य कारण बताकर लौटा दिया जाता है। अब धनराशि न आने की बात कहकर अब तक भुगतान नहीं किया जा रहा है।
धनीराम, उरथान।
किसान रुपये उधार लेकर फसलों की लागत लगाते हैं। ऐसे में पिछली फसल का हिसाब करने के साथ ही नई फसल की बुवाई के लिए रुपयों की आवश्यकता होती है। लेकिन सरकारी क्रय केंद्र की ओर से लंबे समय तक धनराशि न देने से परेशानी होती है।
मिजाजीलाल, बिरथुआ।
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वर्जन
-सभी किसानों को गेहूं क्रय का भुगतान कराना शीर्ष प्राथमिकता में है। एफसीआई से धनराशि प्राप्त न होने के चलते भुगतान रुका हुआ है। जल्द ही किसानों का भुगतान शत प्रतिशत कर दिया जाएगा।
उदित नरायन सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।