फातिमा का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया
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थाना एत्माद्दौला के सुशील नगर स्थित मस्जिद वाली गली से गिरफ्तार की गई जाली करेंसी की सौदागर बांग्लादेशी फातिमा उर्फ लीची के पाकिस्तान कनेक्शन सामने आए हैं। सूत्रों ने बताया कि कॉल डिटेल में कई नंबर पाकिस्तान के भी हैं। एटीएस जांच में जुटी है। यह नंबर आखिर किसके हैं? इस बारे में पता किया जा रहा है।
बता दें, बांग्लादेश के चापई नवाबगंज जिले के शिवगंज निवासी 42 साल की फातिमा पत्नी शेर अली को एनआईए और एटीएस ने गुरुवार को सुशील नगर से गिरफ्तार किया था। वह परिवार के साथ रह रही थी। 14 साल की उम्र में बगैर वीजा के बांग्लादेश से बार्डर क्रॉस करके आई थी। यहां पर सब्जी बेचने का काम करती थी। इसके साथ ही जाली नोटों को भी खपाने का काम करती थी। उस पर आधार कार्ड और पासपोर्ट मिला था। शिवगंज का रहने वाला उसका पड़ोसी अनवार उल इस्लाम उसे जाली नोटों की सप्लाई दे रहा था। उसके जेल चले जाने के बाद गिरोह का सरगना अपल उर्फ एप्पल शेख नकली नोट भेजने लगा। एनआईए फातिमा को गिरफ्तार करके कोलकाता ले गई। फातिमा के बैंक खातों की डिटेल निकालने के बाद एटीएस ने उसके मोबाइल की भी कॉल डिटेल निकाली। इसमें सामने आया कि फातिमा की बात पाकिस्तान के नंबरों पर भी होती थी। छह महीने की कॉल डिटेल में कई नंबर पाकिस्तान के भी मिले हैं। कोलकाता में फातिमा से अब इस बारे में भी पूछताछ की जा रही है। पाकिस्तान में रहने वाले उसके बांग्लादेशी रिश्तेदार हैं या फिर कोई और? इसका पता पड़ताल के बाद ही चल सकेगा।
मददगार पुलिसवाले कौन?
फातिमा की गिरफ्तारी के साथ ही थाने पर उसकी सिफारिश भी खूब आई थी। सिपाहियों ने तो उसे बेगुनाह बता दिया। इसके बाद एक दरोगा ने एक अधिकारी को भी फोन किया। मगर, सुबूत उसके खिलाफ थे। फातिमा का पति अवैध तरीके से शराब भी बेचने का काम करता है। उसके धंधे को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ था। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने गोपनीय जांच शुरू करा दी।
स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल
एटीएस से मिली जानकारी के मुताबिक, फातिमा ने एत्माद्दौला क्षेत्र में अपना जाल फैला लिया था। उसके संपर्क में कई महिलाएं भी थीं। वह इन्हीं महिलाओं की मदद से जाली नोट बाजार में भेजती थी। वह लाटरी (बीसी) भी अपने घर में चलाती थी। फातिमा के सामने मोहल्ले में कोई भी बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। अब एटीएस इस बारे में पता कर रही है कि आखिर उसके नेटवर्क में कौन लोग शामिल थे।
भागने की फिराक में थी
फातिमा ने गिरफ्तारी के बाद थाने से भागने की कोशिश की थी। उसने सबसे पहले अपने घरवालों को इकट्ठा कर लिया। इसके बाद बीमारी का बहाना बनाने लगी। उसकी निगरानी के लिए एक महिला सिपाही को लगा दिया गया। इसके बावजूद वह कभी पति से मिलने तो कभी उल्टी का बहाना करके बाहर जाने लगी। मगर, महिला सिपाही की सतर्कता के चलते वह अपने मंसूबेे में कामयाब नहीं हो सकी।