अमित के हाव-भाव देखकर अन्य परिजन ऋषि को अमित से दूर रखने लगे। 10 अगस्त 2019 को अमित अपने बेटे ऋषि को स्कूल छोड़ने के बहाने से घर से लेकर चला गया। पता चलने पर अमित की मां सुमन थोड़ी देर बाद उसके पीछे-पीछे स्कूल पहुंचीं। वहां पता चला कि अमित ऋषि को स्कूल लेकर नहीं गया। परिजन ने अमित और ऋषि की तलाश की तो अमित को धर्मवीर की छत से उतरते हुए देखा। उसकी शर्ट पर खून लगा था। उसके पैरों पर मिट्टी लगी थी।
ऋषि के बारे में पूछा तो उसने कहा कि स्कूल छोड़कर आ गया। मौका पाकर भाग गया। थोड़ी देर बाद सूचना मिली कि कहरई मोड़ के पास कुशवाह हॉस्पिटल के सामने अश्वनी की दुकान के बेसमेंट में एक बच्चे का शव मिला है। शव ऋषि का ही था। पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही अमित को गिरफ्तार कर बेटे की हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप में जेल भेजा था। तब से अमित जिला कारागार में निरुद्ध है।
अमित के मोबाइल से मिला था तांत्रिक का नंबर
विवेचना के दौरान आरोपी अमित के फोन से कथित तांत्रिक गुरु प्रीत सिंह का नंबर मिला। शक के आधार पर पुलिस ने 16 अक्तूबर 2019 को उसे भी गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया। मगर, घटना वाले दिन आरोपी के मोबाइल की लोकेशन दिल्ली में मिली थी।
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