सिकंदरा के कारगिल चौराहे पर हत्या और लूट की वारदात का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया था। बिचुपरी के गणेश विहार के रहने वाले बदमाश अमन की मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी, जबकि उसके भाई सुमित को लूटकांड की साजिश में शामिल पाते हुए जेल भेजा गया था। पुलिस ने जब फारुख के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि फारुख को अमन के घर में ही शरण मिली थी। अमन के पिता संजीव कुमार ने फारुख को बाहर भागने में मदद की थी।
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इस पर एसआई बबलू कुमार ने जगदीशपुरा थाने में संजीव कुमार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने संजीव को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एसीपी विनायक भोसले का कहना है कि अपराधियों के शरणदाताओं को भी बख्शा नहीं जाएगा। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि 50 हजार के इनामी फारुख की तलाश में तीन स्पेशल टीमों को लगाया गया है। वह आगरा छोड़कर भाग चुका है। उसके कई रिश्तेदारों व परिजन को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
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मां और पत्नी ने समझाया... नहीं मानता था अमन
मुठभेड़ में मारे गए अमन के चाल चलन पर मां उमा देवी बहुत टोकाटाकी करती थीं। वह उसके पिता संजीव से यही कहती थीं कि बेटा गलत संगत में पड़ जाएगा। लेकिन अमन उनकी भी नहीं मानता था। उसे सुधारने के लिए ही एक साल पहले उसकी पसंद की लड़की से शादी करवाई थी, लेकिन अमन की आदतें नहीं बदलीं। पत्नी मोहिनी भी उसे बहुत समझाती थी। एक बेटे की मौत, पति और दूसरे बेटे के जेल जाने के बाद मां और पत्नी का बुरा हाल है।