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UP: 'फोन मत काटना' एयरफोर्स अधिकारी के पिता 10 दिन तक घर में रहे कैद, दहशत ऐसी...कमरे से बाहर नहीं निकले

Sat, 10 May 2025 07:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एयरफोर्स अधिकारी के पिता रिटायर्ड इंजीनियर के लिए 10 दिन दहशत से भरे रहे। वो घर से बाहर तक नहीं निकले। इस दौरान उनसे 15.80 लाख रुपये साइबर अधिकारियों ने अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। 
 
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Digital arrest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मुंबई क्राइम ब्रांच से बोल रहे हैं। तुम लोगों को फोन पर धमकाते हो। गालियां देकर अभद्रता करते हो। तुम्हारा मोबाइल नंबर बंद कर रहे हैं। तुमने 50 लाख रुपये उधार लेकर लाैटाए नहीं हैं। इसकी जांच की जा रही है। इसके लिए ईडी कार्रवाई कर रहा है। तुम्हें डिजिटल अरेस्ट किया जाता है। रिटायर्ड इंजीनियर को कुछ इस तरह धमकी देते हुए साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 5 दिन में 15.80 लाख रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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एसके शर्मा (79) सेक्टर-9 में रहते हैं। वह विद्युत विभाग के सहायक अभियंता पद से रिटायर्ड हैं। पत्नी का देहांत हो चुका है। उनके बेटे वायुसेना अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 25 मार्च को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर काॅल आई।
 

काॅल करने वाले ने सबसे पहले मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उन्हें जेल भेजने की धमकी दी। घर से बिना अनुमति बाहर जाने और परिवार के लोगों से बात करने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। 4 अप्रैल तक अलग-अलग 4 नंबरों से काॅल करके खातों में चेक के माध्यम से रकम जमा कराई गई। साइबर ठग कभी मुंबई पुलिस तो कभी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व ट्राई के अधिकारी बनकर धमकाते थे।

 

कब क्या हुआ
- 25 मार्च को ऑडियो कॉल आई। काॅल करने वाले ने धमकाना शुरू किया। इसमें हर घंटे में दो बार काॅल किए। इससे उन्हें लगा कि कुछ गलत हो गया है। जेल भेजने की धमकी दी गई। पंजाब नेशनल बैंक भेजकर 4 लाख 10 हजार रुपये जमा कराए गए। घर से निकलने पर रोक लगा दी।

 

- साइबर अपराधी हर दिन, हर घंटे में दो बार ऑडियो काॅल करते थे। हर बार यही कहा जाता था कि किसी को बताना नहीं है। जैसा कह रहे हैं, वैसा ही करना। उनके बैंक जाने और आने के दाैरान भी काॅल करके लोकेशन पूछा करते थे। इस तरह से 26 मार्च को 3.50 लाख रुपये, 3.80 लाख रुपये, 29 मार्च को 1 लाख, 3 अप्रैल को 2.10 लाख रुपये, 4 अप्रैल को 1.30 लाख रुपये जमा करा लिए। खाते में रकम नहीं बची। इसका पता चलने पर साइबर अपराधियों ने काॅल करने बंद कर दिए।

 

- 9 अप्रैल को रिटायर्ड अधिकारी का बेटा घर आया। तब उन्होंने घटना की जानकारी दी। इस पर साइबर अपराधियों के ठगी करने की जानकारी हुई। इस पर पुलिस से शिकायत की। पुलिस मामले में जांच कर रही है। जिन नंबरों से व्हाट्सएप काॅल किए गए, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। काॅल कहां से और किन लोगों की आईडी पर लिए सिम से किए गए। 22 अप्रैल को थाना में तहरीर दी।

 

शिक्षिका की जान ले चुके हैं साइबर अपराधी
शहर में 5 अक्तूबर 2024 को साइबर अपराधियों ने शिक्षिका मालती वर्मा की डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की। उनकी बेटी को खतरे में बताया। इस पर मालती वर्मा की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके अलावा भी डिजिटल अरेस्ट करके कई लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना चुके हैं।

 
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तुरंत काॅल काट दें
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि अनजान नंबर से काॅल करके कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, ईडी और सीबीआई अधिकारी बताता है तो समझ जाएं ठगी की जा रही है। तुरंत काॅल काट दें। पैसाें की मांग करने वाले की जानकारी पुलिस काे दें। साइबर क्राइम की थाना पुलिस कार्रवाई करेगी।
 
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