आगरा धर्मप्रांत के आध्यात्मिक निदेशक और गुरुकुल के शिक्षक फादर मून लाजरस (61) का बुधवार को नई दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह एक साल से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से मसीह समाज में शोक की लहर दौड़ गई।
फादर मून लाजरस कई संस्थाओं से जुड़े हुए थे। पादरी टोला, वजीरपुरा के रहने वाले फादर मून लाजरस का जन्म 21 अक्तूबर 1964 को आगरा में हुआ था। परिजन ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक स्वभाव के थे। सेंट मैरी चर्च स्थित गुरुकुल में धार्मिक दीक्षा प्राप्त करने के बाद वह एक मई 1994 को पुरोहित बने। उनका पुरोहिताभिषेक हुआ।
इसके बाद वह सेंट मैरीज चर्च में धार्मिक गतिविधियों के साथ ही गुरुकुल में छात्रों को धर्म दीक्षा देने लगे। वह जीवन पर्यंत धार्मिक शिक्षा देते रहे। वह 31 वर्षों से अधिक समय तक आगरा धर्मप्रांत में युवाओं, चर्च और समाज की सेवा में सक्रिय रूप से कार्य करते रहे।
उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में सेवा की। वह आर्च डायोसिस समाचार पत्र के संपादक भी रहे। सेंट लॉरेंस सेमिनरी में आध्यात्मिक निदेशक, पुरोहित और प्रोफेसर रहे। उनका अंतिम संस्कार 10 जुलाई को दोपहर 3 बजे सेंट पीटर्स कैथेड्रल चर्च में किया जाएगा।
आर्च बिशप ने जताया शोक
आर्च बिशप डॉ. राफी मंजलि ने कहा कि मून लाजरस न केवल एक आदर्श पुरोहित थे बल्कि मसीही सेवा, आध्यात्मिकता और मानवता की सच्ची मिसाल थे। उन्होंने अपने जीवन से सिखाया कि कैसे पूर्ण समर्पण, विश्वास और विनम्रता के साथ प्रभु और उनके लोगों की सेवा की जा सकती है। उनका जीवन हमेशा ही हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।