उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक पिता ने 10 साल की बेटी के साथ हैवानियत की सारी हद पार कर दी। झगड़ा होने पर पत्नी के मायके जाने का फायदा उठाकर बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।
बेटी ने विरोध किया तो मिट्टी का तेल डालकर उसके प्राइवेट पार्ट को जला दिया। बच्ची बच गई, लेकिन पेट से नीचे का हिस्सा जल गया। परिवार के लोग तीन महीने तक घटना को छिपाए रहे।
मां को पता चला तो वो बेटी को आगरा में मायके ले आई। यहां उसने अपने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिट्टी का तेल डालकर लगाई आग
घटना फिरोजाबाद के नगला बीच क्षेत्र के एक गांव की है। आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र की महिला की शादी 12 साल पहले हुई थी। महिला का कहना है कि उसके दो बेटे और दो बेटी हैं। इनमें एक बेटी दस साल की है।
डेढ़ साल पहले पति से झगड़ा हो गया था। तब ससुराल से मायके आ गई। वो अपने साथ तीन बच्चे भी ले आई। 10 वर्षीय बड़ी बेटी को पति के पास ही छोड़ दिया था।
इसी साल मार्च में पति ने बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बेटी ने शोर मचाने का प्रयास किया तो उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। परिवार के अन्य लोगों ने आग बुझाई।
बेटी ने मां को बताई आपबीती
इसके बाद उसका घर में उपचार किया गया। उन लोगों ने बेटी को बदनामी का भय दिखाकर चुप कर दिया। पिछले दिनों महिला ससुराल में बेटी से मिलने गई थी। तब उसने घटना की जानकारी दी।
महिला के मुताबिक उसकी बेटी के पेट के नीचे का हिस्सा जल गया है। जिससे वो ठीक से चल फिर भी नहीं पा रही है। एक सप्ताह पहले महिला ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए एसएसपी अमित पाठक से शिकायत की।
महिला थाना इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में पति सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी पिता को जेल भेज दिया गया है। अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। बच्ची का एक निजी अस्पताल में चेकअप कराया गया।
आरोपी को मिले कड़ी सजा
पिता की हैवानियत का शिकार हुई बेटी को न्याय दिलाने के लिए मां ने आवाज उठाई। उसने न सिर्फ पुलिस से शिकायत की, बल्कि उसे पकड़वाया भी। महिला का कहना है कि पति को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसने बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी।
एक पिता बेटी के साथ ऐसी हरकत कर देगा, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। बच्ची दहशत में है। जब उसे पुलिस के सामने लाया गया तो वह ठीक से चल नहीं पा रही थी। जब महिला पुलिस कर्मियों ने उसकी हालत देखी तो वो भी सहम गईं।
उधर, बालिका की मां का कहना था कि उसे न्याय मिलना चाहिए। पति को कड़ी सजा मिले। उसकी वजह से बेटी की जिंदगी खराब हो गई। उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है, जिससे बेटी का इलाज करा सके।