न्यू आगरा की किशोरी की दिल्ली से बरामदगी हो जाने के बाद पुलिस ने उसके साथ तीन साल पहले हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना में कार्रवाई की है। इसमें फरार चल रहे आरोपी इदरीश और उसके बेटे दानिश को गिरफ्तार किया है। उन्हें बुधवार को जेल भेज दिया गया। इस वारदात में मुख्य आरोपी मेहताब राणा है। वह जमानत पर है।
23 फरवरी को किशोरी न्यू आगरा क्षेत्र से लापता हुई थी। मेहताब राणा के खिलाफ केस अपहरण का दर्ज हुआ। उसके मंगलवार को दिल्ली से मिल जाने पर पता चला कि अपहरण नहीं हुआ था। इस कारण पुलिस ने मेहताब राणा को इस केस में क्लीन चिट दे दी लेकिन जब किशोरी ने बताया कि 2018 के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो आरोपी फरार हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
किशोरी ताजगंज क्षेत्र की निवासी है। मूल रूप से मेरठ के रसूलपुर औरंगाबाद का निवासी मेहताब तीन साल पहले ताजगंज के होटल में किशोरी के पिता के साथ काम करता था। वह ताजगंज से किशोरी का अपहरण कर मेरठ ले गया था। इदरीश और दानिश रसूलपुर औरंगाबाद में उसके पड़ोसी हैं। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था लेकिन पुलिस ने उस समय सिर्फ मेहताब को जेल भेजा था।
मेहताब को एक केस में क्लीन चिट तो दूसरा केस दर्ज होगा
न्यू आगरा के अपहरण के मुकदमे में मेहताब को क्लीन चिट दी जाएगी। किशोरी ने कोर्ट में बयान दिया है कि उसका अपहरण नहीं हुआ था लेकिन उसे राहत मिलनी मुश्किल है क्योंकि उस पर एक और केस दर्ज किया जा सकता है। यह भी अपहरण की धारा में होगा। दरअसल, किशोरी का कहना है कि 2018 में मेहताब ने उसका दो बार अपहरण किया जबकि पुलिस ने एक की ही रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस अब उसके खिलाफ 2018 के मामले का एक और केस दर्ज करेगी। न्यू आगरा के मामले में उसकी पत्नी भूरी और भाभी रेशमा व शानू को जेल भेजा गया था। इनकी भी रिहाई मुश्किल है क्योंकि 2018 के मामले में इन्हें भी मेहताब का साथ देने का आरोपी बनाया जा सकता है। किशोरी ने इनके खिलाफ भी बयान दिया है।
कोठरी में भूखा-प्यासा रखा गया
किशोरी ने पुलिस को बताया है कि तीन साल पहले उसका अपहरण करने के बाद मेहताब उसे मेरठ ले गया। वहां तीन महीने तक बंद कोठरी में रखा। कई दिन भूखा-प्यासा रखा गया। मेहताब, इदरीश और दानिश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने उसे मुक्त कराया था। इसके बाद वह इतनी दहशत में रही थी कि एक साल पढ़ाई नहीं कर पाई।
रिंकू और दिव्यांशू भी बनेंगे आरोपी
ग्वालियर का दिव्यांशू और दिल्ली का रिंकू ही किशोरी को ले गए थे। मगर, किशोरी ने मंगलवार को कोर्ट में बयान दिया है कि वह खुद गई थी, अपहरण नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि किशोरी के नाबालिग होने के कारण उसके बयान खास मायने नहीं रखते हैं। विवेचना में दोनों को अभियुक्त बनाया जाएगा। रिंकू को पुलिस गिरफ्तार करेगी, जबकि दिव्यांशू को मध्य प्रदेश मेें साइबर ठगी के मामले मेें जेल भेजा जा चुका है। अब पुलिस उसकी रिमांड लेगी। रिंकू ने किशोरी को ले जाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह पठानी सूट और टोपी पहन कर आया था।
बयान के आधार पर कार्रवाई
किशोरी ने कोर्ट में जो बयान दिए हैं, उनका अवलोकन कर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुराने मुकदमों की भी जांच होगी - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी