किरावली गांव मोरी खारी नदी पर गड्ढा को लेकर धरना प्रदर्शन करते किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिं
किरावली। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान को आगरा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी किस तरह हवा में उड़ा रहे हैं, इसकी बानगी विकास खंड अछनेरा के गांव मोरी में देखने को मिली। खारी नदी पुल के पास महीनों से बने जानलेवा गड्ढे की सुध न लेने से नाराज किसान नेताओं ने बृहस्पतिवार को गड्ढे में ही बैठकर धरना देकर विभाग को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
नेशनल हाईवे (आगरा-जयपुर रोड) और स्टेट हाईवे (आगरा-जगनेर रोड) को जोड़ने वाले इस 15 किलोमीटर लंबे मार्ग पर गांव मोरी स्थित खारी नदी पुल के ढलान पर एक गहरा और जानलेवा गड्ढा बना हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा अब पक्की सड़क के अंदर करीब तीन फीट तक धंस चुका है।किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह और धीरज सिकरवार ने बताया कि यह मार्ग किरावली और खेरागढ़ तहसील को आपस में जोड़ता है। इसी रास्ते से हजारों किसान अपनी उपज लेकर किरावली अनाज मंडी पहुंचते हैं और हजारों छात्र शिक्षण संस्थानों में जाते हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है। धरने के दौरान न तो स्थानीय प्रशासन का कोई नुमाइंदा पहुंचा और न ही लोक निर्माण विभाग का कोई अधिकारी। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर इस गड्ढे को भरकर सड़क दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र के ग्रामीण और किसान संगठन बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान चौधरी महिपाल सिंह, गंगाराम माहौर, सत्यवीर चाहर, दाताराम लोधी, सुमन सिकरवार, मंजू वर्मा, सुनीता शर्मा, पदम सिंह, राजकिशोर, केशव सिकरवार, महेंद्र सिंह, राहुल चाहर, वीरपाल चाहर मौजूद रहे। संवाद