कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में शुक्रवार को आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला के बाद आलू के गिरते दाम और डीएपी की किल्लत पर किसानों ने कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी की गाड़ी के आगे बैठकर प्रदर्शन किया। भाजपा पदाधिकारियों के समझाने पर किसान गाड़ी के आगे से हटे। प्रभारी मंत्री ने उनसे बातचीत कर समस्याएं सुनीं।
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं आगरा के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होने के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। साथ ही किसानों को रागी की किट वितरित की गई। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के लाभों और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के समापन के बाद प्रभारी मंत्री के रवाना होने के दौरान कुछ किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर विरोध जताया। किसानों का कहना था कि कार्यशाला में उनकी समस्याओं को नहीं सुना गया है।
विरोध होने पर प्रभारी मंत्री किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुछ किसान मंत्री के काफिले की एक गाड़ी के आगे बैठ गए। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और अन्य पदाधिकारियों के समझाने पर किसान वहां से हट गए। वहीं, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीषण गर्मी के बीच पानी की व्यवस्था समाप्त हो जाने से कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस अवसर पर सांसद राजकुमार चाहर, विधायक चौधरी बाबूलाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, सोनू दिवाकर, मोहन सिंह चाहर, सहदेव शर्मा, सीडीओ प्रतिभा सिंह, उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित भाजपा पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।