आगरा के इनर रिंग रोड के तीसरे चरण का काम शुरू नहीं होने पर बृहस्पतिवार को जमीन वापसी की मांग लेकर एक तरफ किसानों ने एडीए कार्यालय का घेराव किया। दूसरी तरफ ग्रेटर आगरा के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए कमिश्नरी में चार गुना मुआवजे की मांग का ज्ञापन सौंपा।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में पट्टी पचगई, रोहता, इटौरा व जखोरा गांव के किसान सुबह 10 बजे आगरा विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे। उपाध्यक्ष कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। करीब एक घंटे तक हंगामा व प्रदर्शन चला। फिर एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल संग बैठक की। किसानों का कहना था कि जब तीसरे चरण का काम शुरू नहीं हुआ तो उनकी जमीन वापस कर दी जाए। कहा कि 30 फीसदी किसानों को मुआवजा मिला है। जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला उनकी जमीन वापस की जाए। एडीए उपाध्यक्ष ने 28 अक्तूबर को कलक्ट्रेट से भूमि अधाप्ति अधिकारी और एडीए के भू अर्जन अधिकारी से समस्त पत्रावाली तलब करते हुए बैठक बुलाई है।
दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के नेता सोमवीर सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नरी पहुंचा। जहां कमिश्नर अमित गुप्ता से मुलाकात की। किसानों ने कहा कि एडीए जमीन लेना चाहता है लेकिन कीमत नहीं बता रहा। किसानों ने सर्किल रेट से चार गुना कीमत से कम पर जमीन नहीं देने का एलान किया है। इस दौरान जहां एडीए में किसान महताब सिंह, कृष्णा रावत, रमाकांत, हितेश रावत, मनोज कुमार, देव कुशवाह, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे तो कमिश्नरी में विष्णु कटारा, दीपक तोमर, कालीचरन आर्य, कल्लू यादव, हरिचरन सिंह, यशपाल यादव, तुकमान सिंह, श्रीकिशन आदि ने ज्ञापन सौंपा।