आगरा। सरकार की ओर से सभी फसलों पर एक न्यूनतम मूल्य की गांरटी के लिए कानून (एमएसपी) लागू करने की मांग को लेकर किसानों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 9 दिसंबर 2021 को केंद्र ने संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को लिखित आश्वासन के बावजूद एमएसपी, कृषि सुधारों एवं लंबित किसान मुद्दों का पालन नहीं हुआ है। आंदोलन के दौरान 736 किसानों की शहादत और 380 दिनों के संघर्ष के बाद भी एमएसपी गारंटी कानून न बन पाना किसानों के साथ अन्याय है। ज्ञापन में आगरा के तीन प्रमुख मुद्दों को विशेष रूप से प्रमुखता दी गई। इसमें आगरा में अंतरराष्ट्रीय आलू निर्यात जोन की स्थापना, कोल्ड स्टोरेज भाड़े पर नियंत्रण कानून लागू करना और टोरेंट पावर द्वारा किसानों पर लगाए गए 20-50 लाख तक के अवैध बिजली बिल तुरंत समाप्त करना शामिल है। उर्वरक सब्सिडी में कटौती, डीएपी यूरिया की कालाबाजारी, श्रम संहिताओं के विरोध, बिजली बिल 2025, निजीकरण और कृषि–मजदूर विरोधी नीतियों को भी ज्ञापन में प्रमुख रूप से शामिल किया गया। भाकियू ने कहा कि बढ़ती लागत, घटते दाम, महंगाई, मनरेगा की कमजोर स्थिति और बेरोजगारी ने किसानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है।
इस दौरान तांतीराम जादौन, मनीष वर्मा, कोमल सिंह बघेल, श्यामवीर सिंह चाहर, भूपेंद्र सिंह चौहान, कृष्णकांत शर्मा, अनुरुद्ध कुमार सिंह, करतार सिंह, रणजीत सिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।