आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए शुक्रवार को एडिशनल कमिश्नर राजेश कुमार यादव, अपर जिलाधिकारी आजाद भगत सिंह और एसडीएम सुमित कुमार ने मलूपुर, रामनगर, पेतखेड़ा और खंदौली गांवों का निरीक्षण किया। किसानों ने अधिकारियों के सामने कम मुआवजे पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी उपजाऊ और बेशकीमती जमीन के मुकाबले बेहद कम दर तय की गई है। जमीन के हिसाब से उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे भूमि अधिग्रहण नहीं होने देंगे।
किसान हरिओम सिंह जुरैल और चौ. होशियार सिंह ने कहा कि मलूपुर में 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर, रामनगर में 80 और पेतखेड़ा में 20 लाख रुपये की दर तय की गई है, जबकि कई स्थानों पर पहले से ही डेढ़ करोड़ रुपये तक का सर्किल रेट लागू है। शासन की तय की गई दरें किसानों के साथ अन्याय हैं और इसमें संशोधन होना चाहिए। पूरे क्षेत्र की भूमि अत्यंत उपजाऊ है और किसानों को कम से कम एक करोड़ रुपये के हिसाब से चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों ने प्रत्येक प्रभावित परिवार से एक सदस्य को नौकरी की मांग भी की। एडिशनल कमिश्नर राजेश कुमार यादव ने कहा कि किसानों को सही और उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर मलूपुर के प्रधान प्रताप सिंह, रामकिशन नेताजी, बलवीर सिंह, रामेश्वर सिंह, नेत्रपाल सिंह, अशोक कुमार, अमित चौधरी, रनवीर सिंह, बनवारी लाल, चंद्रपाल सिंह, श्रीकिशन सिंह, श्यामवीर सिंह, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।