प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर किसान करीब 1:15 बजे वापस रमाडा होटल लौट आए और लगभग 1:30 बजे फिर धरने पर बैठ गए। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला और अपर पुलिस उपायुक्त (क्राइम) हिमांशु गौरव, सहायक पुलिस आयुक्त ताज सुरक्षा यतेंद्र कुमार नागर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से शासन तक भेजा जाएगा।
इसी बीच करीब दो बजे किसान नेता विपिन यादव ट्रैक्टरों में महिलाओं को लेकर रमाडा पहुंच गए, जिससे एक बार फिर माहौल गरमा गया। किसानों के प्रदर्शन के दौरान फतेहाबाद रोड पर लंबा जाम लग गया, जिसे बहाल कराने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया, तातीराम जदौन, सोमवीर यादव, मनीष वर्मा, कृपाल सिंह फौजदार, रणवीर सिंह चाहर, रणजीत यादव, दया यादव, हरेंद्र सिंह, अनुज प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
जिलाध्यक्ष भाकियू राजवीर लवानिया का कहना है कि एत्मादपुर मदरा में किसानों की भूमि का एडीए बिना उचित मुआवजा के किया जा रहा। उचित मुआवजा के लिए किसानों ने कई बार आवाज उठाई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई, बिजली चेकिंग के नाम पर भी किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेगा। सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला ने बताया कि एत्मादपुर मदरा के किसान भूमि अधिग्रहण और मुआवजा राशि कम दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर शांत कराया गया। समस्या निराकरण के लिए शासन को भेजा जाएगा।