कासगंज। वन अधिकारी द्वारा दो किसानों की लकड़ी जब्त करने के मामले में भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने शहर में जुलूस निकालकर विभाग के कार्यालय का घेराव किया और धरना दिया। काफी देर तक हंगामा होता रहा। किसानों के आक्रोश को देखते हुए कोतवाली सहित अन्य थानों का पुलिसबल आ गया। जिला वन अधिकारी ने जब्त की कई लकड़ी रिलीज करने व मामले की जांच कर वन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
गंाव गंगावास मझरा गढ़ी पंचगाई के किसान भोजराज व रामप्रसाद ने अपनी लकड़ी कटवाई थी। 30 अगस्त को वन अधिकारी जगदीश तोमर, राजेश व अन्य कर्मियों ने लकड़ी कब्जे में ले ली। किसानों ने लकड़ी के स्वामित्व के बारे में प्रपत्र भी दिखाए, लेकिन उनकी लकड़ी उन्हें नहीं लौटाई। विधिक रूप से लकड़ी रिलीज करने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
किसान नेताओं ने वन अधिकारियों व कर्मियों पर लकड़ी लूट का आरोप लगाया। आक्रोशित यूनियन कार्यकर्ताओं ने वन विभाग के कार्यालय पर आक्रोश जताते हुए नारेबाजी की। किसान वहीं पर धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं को पुलिस अधिकारी समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह नहीं माने। बाद में जिला वन अधिकारी दिवाकर वशिष्ठ ने किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे व अन्य पदाधिकारियों के साथ वार्ता की।
जिला वन अधिकारी ने किसानों की जब्त की लकड़ी रिलीज कराने और कार्रवाई का भरोसा दिया और वन अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद आक्रोश थम सका। इस दौरान तहसील अध्यक्ष विनोद शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष श्यामवीर, जिलाध्यक्ष आशीष पांडे, युवा जिलाध्यक्ष मोनू राजपूत, दिनेश राजपूत, अमर सिंह, अबज सिंह, विनोद चौहान, विलेज सिंह, ताराचंद्र, अमर सिंह, प्रेमसिंह, भोजराज, अतर सिंह, महेंद्र सिंह, आशीष, सुजीत सहित बड़ी संख्या में किसान यूनियन के नेता मौजूद रहे।