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किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बनाया बंधक, यूं नहीं हुए नाराज

Tue, 09 Oct 2018 04:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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बंधक सिंचाई विभाग के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में सिंचाई बंधु की मीटिंग में पहुंचे 15 अधिकारियों को किसानों ने राजीव भवन के सभागार में बंद कर दिया। खूब हंगामा किया। किसान दोपहर को बारह बजे सभागार पर ताला लगाकर बाहर धरना देकर बैठ गए। 

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इनका कहना था कि किसानों की समस्याओं को लेकर अधिकारी जरा भी गंभीर नहीं हैं। सिंचाई बंधु की मीटिंग में जो भी सवाल उठाए जा रहे थे उनमें से किसी का भी जवाब नहीं दे पाए। सीडीओ किसानों को समझाने पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। शाम को पांच बजे तक भी अधिकार राजीव भवन में बंधक हैं। शाम छह बजे ताला खुला। 

मंगलवार को दोपहर को बारह बजे राजीव भवन में सिंचाई बंधु की मीटिंग बुलाई गई। इसमें पीडब्यूडी, सिंचाई विभाग और बिजली समेत कई विभाग के अफसर पहुंचे। मीटिंग शुरू होते ही नहरों की सफाई,  निचले इलाकों में भरा पानी  और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के मुआवजे को लेकर सवाल गूंजने लगे।

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किसानों ने कहा कि कई निचले इलाके ऐसे हैं जहां बरसात का पानी भरा है और किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को कीड़ों से चौपट हुईं फसलों का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। इन सवालों का जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो किसान भड़क गए।

किसान मीटिंग छोड़कर सभागार से बाहर आ गए। सभागार के गेट पर ताला लगाकर अफसरों को बंद कर दिया। किसानों ने बाहर धरना शुरू कर दिया। दोपहर को सीडीओ रामनेवास किसानों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन किसानों ने एक न सुनी। साफ कह दिया कि जब तक डीएम नहीं पहुंचेंगे, वह किसी अधिकारी को नहीं जाने देंगे। 

दोपहर को करीब सवा बारह बजे किसानों को सभागार में बंद किया और वह सभी शाम को पांच बजे तक सभागार में बंद रहे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अधिकारियों को मुक्त किया। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। आखिर किसान कब तक शांत रहें। 

यहां सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष सुधीर रावत, भाकियू के मंडल सचिव देवेंद्र रघुवंशी, डा. ओमवीर सिंह राणा, कृष्ण गोपाल रघुवंशी, लाल सिंह, सुरेश भगत, प्रोफेसर नवाब सिंह समेत तमाम किसान रहे। 
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