फोटो।तहसील फतेहाबाद में किसानों के साथ बैठक करते अधिकारी
फतेहाबाद। आगरा से ग्वालियर के बीच बनने वाले नए एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा गतिरोध थमता नजर आ रहा है। सर्किल रेट कम होने से नाराज किसानों के विरोध को देखते हुए शनिवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) प्रशासन आजाद भगत सिंह ने तहसील फतेहाबाद के सभागार में प्रभावित किसानों के साथ बैठक की। बैठक में किसानों की आपत्तियों को सुना गया और मुआवजे की विसंगतियों को दूर करने पर चर्चा हुई।
आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए फतेहाबाद तहसील के कई गांवों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इनमें करौंधना, इनायतपुर, फूलपुर, नगला पाटम, लुहेटा, तोर आदि गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से तय किया गया सर्किल रेट बेहद कम है, जिसके कारण उन्हें अपनी कीमती जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सर्किल रेट की विसंगतियों को लेकर किसान पहले ही आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता न्यायालय) की शरण में जा चुके हैं और वहां अपनी आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने बताया भूमि अधिग्रहण में सर्किल रेट को लेकर किसानों के साथ कुछ विवाद था, जिसे सुलझाने के लिए आज 5-6 गांवों के प्रभावित किसानों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है। किसानों ने आर्बिट्रेशन में अपनी आपत्ति लगाई हुई है। आर्बिट्रेशन कोर्ट से जो भी वैधानिक निर्णय आएगा, प्रशासन उसी के अनुसार किसानों को बढ़े हुए या संशोधित रेट पर मुआवजा वितरित करेगा।