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महापंचायत में किसानों ने भरी हुंकार, गठित की गई संघर्ष समिति

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ासगंगनज के गांव गढ़ी में किसान महापंचायत में मौजूद किसान - फोटो : KASGANJ
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कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को और भी धार दी गई है। भाकियू भानु गुट से अलग हुए किसान नेताओं ने शुक्रवार को गांव गढ़ी हरनाठेर में महापंचायत की। इसमें प्रदेश के कई जिलों से आए किसानों ने हिस्सा लिया। चार घंटे तक चली महापंचायत में भारतीय किसान अधिकार संघर्ष समिति के गठन का निर्णय लिया गया। किसानों ने अल्टीमेटम दिया कि 15 फरवरी तक कृषि कानून वापस नहीं लिए तो 17 फरवरी को दिल्ली का चिल्ला बॉर्डर घेरा जाएगा।
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महापंचायत में सर्वसम्मति से भाकियू भानु के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप पांडे को समिति का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया जबकि भाकियू भानु के पूर्व मंडल अध्यक्ष श्यामवीर सिंह चौहान को समिति का राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव चुना गया है। मुजफ्फरनगर से आए किसान राजपाल सिंह चौहान को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि अमरसिंह राजपूत, हाथरस से आए धर्मेंद्र कौशिक और एटा के आदर्श मिश्रा को राष्ट्रीय सचिव का दायित्व दिया गया।
महापंचायत में हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरेय्या, कानपुर सहित कई जिलों के किसान शामिल हुए। किसानों ने एक साथ किसान कानूनों के विरोध में हुंकार भरी, एलान किया कि कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने सरकार को 15 फरवरी तक का अल्टीमेटम दे दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडे ने कहा कि यदि 15 फरवरी तक कृषि कानून वापस नहीं लिए तो 17 फरवरी को दिल्ली का चिल्ला बॉर्डर घेरा जाएगा।
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पुलिस ने बरती सतर्कता
महापंचायत में कई जिलों से किसानों के आने की जानकारी पुलिस को मिली थी। ऐसे में पुलिस ने महापंचायत को लेकर शांति की दृष्टि से सतर्कता बरती। गांव गढ़ी में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।
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