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नोटबंदी के कारण कर्जदार हुए एक और किसान ने लगा ली फांसी

Wed, 05 Jul 2017 09:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अछनेरा (आगरा)
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होम सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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पिछले कई साल से घाटे में चल रहे कर्ज में डूबे नगला बुद्धा के किसान होम सिंह ने बुधवार तड़के फांसी लगा ली। न्यू दक्षिणी बाईपास टोल प्लाजा के पास खेतों में पेड़ पर शव लटका देख मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। प्रशासन ने मदद का भरोसा दिया है। 
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रायभा के गांव नगला बुद्धा निवासी होम सिंह (40) पुत्र नौबत सिंह के पास मात्र एक बीघा खेत था। इसके अलावा वह भेज पर और बंटाई पर खेत लेकर आलू, बाजरा, गेहूं आदि की फसल करते थे। आलू की फसल में लगातार घाटा होने से उन पर कर्जा बढ़ता गया। परिवारीजनों ने बताया कि पिछले साल लिया हुआ कर्ज होम सिंह नोटबंदी के कारण चुका नहीं पाए। 

इसके चलते उन्होंने एक बीघा खेत भी बेच दिया। लेकिन साहूकारों के कर्ज से निजात नहीं मिल सकी। मौजूदा समय में उन पर लगभग चार लाख रुपये का कर्ज साहूकारों से लिया हुआ था। सरकारी कर्ज नहीं था। वह साहूकारों के तगादों से काफी परेशान थे। किसी तरह कर्ज से उबरने के लिए उन्होंने दो माह पहले न्यू दक्षिणी बाईपास टोल प्लाजा के पास खोखे में चाय की दुकान शुरू की थी। 
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दो दिन पहले ही वह अपनी बेटियों को बुलाने गए थे। लेकिन वह नहीं आ सकी थीं। बुधवार तड़के तीन बजे वह दुकान पर जाने की कहकर घर से निकल गए। इसके बाद लगभग साढे़ छह बजे आसपास के लोगों ने उनका शव खेत में खडे़ नीम के पेड़ पर लटका देखा। उन्होंने दो अंगोछों से फंदा बनाया हुआ था। आननफानन में मौके पर जुटे लोगों ने उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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छह माह पहले की थी दो बेटियों की शादी 

farmer suicide
होम सिंह की चार पुत्री और एक पुत्र है। इनमें से दो बेटियों की शादी एक साथ उन्होंने छह माह पहले ही की थी। उनकी शादी के लिए उन्हें सारा प्रबंध कर्ज लेकर ही करना पड़ा था। बुधवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। होम सिंह के पुत्र भूपेंद्र सिंह (14), पुत्री काजल (10), पायल (8) और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी हालत को देखने वाले भी खुद को रोने से नहीं रोक पा रहे हैं। होम सिंह की मौत की सूचना पर तहसीलदार और लेखपाल किसान के घर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है। 
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