बार-बार खेत पर जाकर देखता था बर्बाद फसल
पत्नी की मौत के बाद पुष्पेंद्र ने तीनों बेटियों की शादी कर दी थी। 14 वर्षीय बेटा बुआ के पास जलेसर में रह कर पढ़ाई कर रहा है। गांव में पुष्पेंद्र अकेला रहकर खेती करता था। इस कारण वह बारिश से बर्बाद हुई फसल के बाद से टूट गया था। इसके चलते उसने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी।
पीड़ित परिजन ने बताया कि पुष्पेंद्र के तीन बेटियां थी। तीनों बेटियों की शादी अलीगढ़ में की थी। छोटी बेटी दिव्यांग थी। बेटियों की शादी के बाद बेटे की देखभाल में दिक्कत आ रही थी। इसलिए उसने बेटे कृष्ण कुमार को अपनी बहन के घर जलेसर भेज दिया था। वह वहीं पर पढ़ रहा है। बारिश के कारण मिर्च, सरसों और बाजरा की फसल पूरी तरह से प्रभावित हो गई थी। इस लिए वह मानसिक रुप से परेशान भी रहता था।
किसी से बात नहीं करता था पुष्पेंद्र
मानसिक रुप से परेशान चल रहे पुष्पेंद्र को परिवार के अन्य लोगों ने समझाने का प्रयास भी किया था। लेकिन वह किसी से बात नहीं करता था और खेत पर जाकर बारिश से बर्बाद हुई फसल को देखता रहता था। पिता की मौत के बाद जहां तीनों बेटियों और पुत्र के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं परिजन में भी कोहराम मचा हुआ है।
एडीएम अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नारखी क्षेत्र में फसल बर्बाद होने के कारण किसान ने फंदा लगाए जाने की जानकारी संज्ञान में आई है। संबंधित एसडीएम से पूरे मामले की जांच कराके रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।