कासगंज। शव वाहन व एंबुलेंस चालक द्वारा एंटी रेबीज की वैक्सीन लगाने की खबर के बाद की गई जांच में चिकित्सा विभाग ने अपना पक्ष रख दिया है। सीएमएस और चीफ फार्मासिस्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने चालक को ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था। चालक ने अस्पताल की छवि धूमिल करने के लिए गलत तरीके से फोटो वायरल कर दिया था। सीएमएस ने स्पष्ट कर दिया है कि चालक को हटाकर नया चालक मांगा गया है।
पिछले दिनों जिला अस्पताल का एक फोटो वायरल हुआ था, जिसमें चालक एक मरीज को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगा रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने चालक की संविदा समाप्त कर दी और नया चालक मांग लिया। इस बीच वाहन चालक ने सीएमओ सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अपना जवाब दिया और इंजेक्शन लगाने के आदेश देने का सीएमएस और चीफ फार्मासिस्ट को जिम्मेदार बताया। सीएमएस ने डीएम सीपी सिंह और सीएमओ डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव के समक्ष स्पष्ट किया है कि वाहन चालक को इंजेक्शन लगाने का कोई आदेश नहीं दिया था, वह सिर्फ मनमानी कर रहा था।
वर्जन-
चालक ने खुद ही लगाया था इंजेक्शन
- इंजेक्शन लगाने का आदेश वाहन चालक को नहीं दिया गया था। उसने अपने मन से ही इंजेक्शन लगाकर अस्पताल की छवि धूमिल करने की कोशिश की थी।
- डॉ. राजकिशोर, सीएमएस।
मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं
- न तो मैं इंजेक्शन लगाने का प्रशिक्षण देने का अधिकारी हूं और न ही किसी की ड्यूटी लगाने का मुझे अधिकार है। वाहन चालक ने मुझपर गलत आरोप लगाया है।
- एसपी सिंह, चीफ फार्मासिस्ट।