गुरुवार-शुक्रवार रात को आई आंधी बारिश में अकोला के गांव खलौआ में दीवार गिरने से किसान की मौत हो गई। फतेहपुर सीकरी समेत देहात के कई स्थानों पर पेड़ और विद्युत पोल गिर गए। इससे 18 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। संरक्षित जामा मस्जिद की एक मीनार धराशाई हो गई। वहीं, गांव भांडई में गुरुवार रात आंधी के दौरान ग्वालियर रेल ट्रैक पर पेड़ टूटकर गिर गया। इससे विद्युतापूर्ति बाधित हो गई। शताब्दी समेत अन्य मालगाड़ी स्टेशन पर ही तकरीबन ढाई घंटे तक खड़ी रहीं।
अकोला के गांव खलौआ निवासी किसान हरदेव (60) खेत पर बने कमरे में गुरुवार रात को सो रहे थे। आंधी से दीवार गिरने के कारण वह मलबे में दब गए। आसपास के लोग उन्हें अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी गांव में पुरुषोत्तम का मकान भी ढह गया। कुठावली में चार विद्युत पोल टूटने से आपूर्ति ठप रही। नौमील में टिनशेड गिरने से 2,500 चूजे मर गए।
फतेहपुर सीकरी में गुरुवार रात संरक्षित स्मारक जामा मस्जिद की एक मीनार धराशाई हो गई। बुलंद दरवाजा स्थित बंद पड़ी दुकान का दरवाजा गिर पड़ा। वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली ने बताया कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
अछनेरा के गांव कचोरा में मकानों के टिनशेड उड़ गए। टिनशेड गिरने से राजेश को चोटें आई हैं। यहां ओले भी पड़े। किरावली के गांव खेड़ा बाकंदा में टिनशेड गिरने से थान सिंह बघेल की गाय मर गई। गांव सरसा में दीवार गिरने से विलकिस की बकरी मर गई। विद्यालय की दीवार ढह गई। लेखपालों ने दो क्षेत्र में नुकसान की रिपोर्ट तहसीलदार किरावली को दी है। बाह, भदरौली, पिनाहट, स्याहीपुरा, जरार, जैतपुर, बटेश्वर, बासौनी आदि इलाकों में छप्पर आदि उड़ गए। मिढ़कौली गांव के जूनियर हाईस्कूल की बाउंड्रीवाल ध्वस्त हो गई। खेत खलिहान में रखा भूसा भी उड़ गया। सैंया के ग्राम डूडीपुरा मेें पेड़ टूटने से जलाल सिंह के मकान की छत ढह गई। ग्राम हिरौड़ा में राजू, नित्य किशोर व संजय खां का मकान ढह गया। शमसाबाद के ग्राम महरमपुर में जगदीश पुरी की दीवार गिरने से उसका प्रपौत्र अमित मलबे में दब गया। वह घायल हो गया। ग्राम कटैला के पुरा में बबलू की मकान की दीवार गिरने से तीन बकरी मर गईं। उसकी पत्नी मलुआ देवी घायल हो गई। सामलिया के मकान की दीवार गिरने से उसकी पत्नी सोमौती घायल हो गई।
शहर से देहात तक बिजली गुल
शुक्रवार को आंधी आते ही शहर की बिजली गुल हो गई। ताजमहल पर दोपहर दो बजे से लेकर चार बजे तक बिजली नहीं आई, जबकि कई इलाकों में यह शाम 7 बजे के बाद सुचारू हो सकी। देहात में बिजली का संकट ज्यादा रहा। गुरुवार शाम 6:55 बजे से पेड़ टूटने से आपूर्ति ठप हो गई, जो शुक्रवार शाम चार बजे सुचारु हो सकी। कागारौल में भी दो दर्जन से अधिक विद्युत पोल टूट गए। सैंया, लादूखेड़ा तेहरा, सिकंदरपुर क्षेत्र में तकरीबन 60 दर्जन विद्युत खंभे टूट जाने से आपूर्ति बाधित रही।
इरादतनगर में मृतकों के घरवालों को दिए चेक
इरादतनगर। गुरुवार रात आई आंधी, बारिश से इरादतनगर में शिवम पुत्र नरेंद्र शर्मा की मकान ढहने से मौत हो गई थी, जबकि भवनपुरा में ट्यूबवेल के पास बनी कोठरी की छत गिरने से उसके बाबा मोतीलाल ने दम तोड़ दिया था। शुक्रवार को एसडीएम खेरागढ़ राम सिंह गौतम ने मृतकों के परिवार वालों को दैवी आपदा सहायता कोष से चार-चार लाख रुपये के चेक दिए।
बारिश ने दी राहत, आंधी बनी आफत
शुक्रवार को 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी ने शहर से देहात तक जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। लगातार तीन दिनों से शहर में आंधी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। शुक्रवार दोपहर दो बजे मौसम के तेवर फिर बदले और बारिश शुरू हो गई। इससे पारा भी लुढ़क गया, जिससे गर्मी से बेहाल लोगों को राहत मिली। शुक्रवार को दिन में पारा सामान्य से 7 डिग्री नीचे 34.8 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। दो मिमी बारिश शुक्रवार को रिकार्ड की गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में पारा फिर से बढ़ सकता है। तापमान में धीमे धीमे बढ़ोतरी होगी। अब शनिवार और रविवार को बारिश के आसार नहीं है।