आगरा में ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में आत्मदाह की कोशिश की। पति ने अपनी दिव्यांग पत्नी और दो बेटों पर केरोसिन से भरी केन उड़ेल दी। हंगामा मचने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका। अपर जिलाधिकारी नगर केपी सिंह ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
फतेहाबाद के बडोवरा गांव निवासी पूजा देवी का कहना है कि वर्ष 2016-17 में उसे लोहिया आवास स्वीकृत हुआ था। इसके तहत सरकार से 3.47 लाख रुपये मिलने थे। पहली किस्त के रूप में उसे 1.36 लाख रुपये मिले। ग्राम प्रधान ने उससे 50 हजार रुपये रिश्वत के ले लिए। शेष रकम से उसने घर का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया।
दूसरी किस्त के लिए ग्राम प्रधान स्वीकृति नहीं दे रहा। 50 हजार रुपये और मांग रहा है। पूजा देवी का कहना है कि पिछले दिनों अधिकारियों से उसने इसकी शिकायत की। इस पर ग्राम प्रधान ने उन्हें धमकाया। इसके बाद भी कई बार अधिकारियों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
पूजा देवी अपने पति मुन्नालाल और दो बेटे देवेंद्र व लोकेंद्र के साथ फिर से कलक्ट्रेट पहुंची। यहां सुनवाई न होने पर केरोसिन उड़ेल लिया। पुलिसकर्मियों ने केरोसिन से भीगे परिवार को पानी से नहलाया।
एडीएम सिटी का कहना है कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर फतेहाबाद एसडीएम से जांच कराई जा रही है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार पर भी सरकारी जमीन पर आवास बनाने का आरोप है। इसकी भी जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।