मैनपुरी। इटावा के सैफई विश्वविद्यालय में युवक की मौत के बाद देर शाम शव घर पहुंचा। यहां मौजूद परिजन और रिश्तेदारों में चित्कार मच गया। परिजन युवक की मौत का कारण आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। पत्नी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
मैनपुरी शहर के मोहल्ला रघुराजपुरी निवासी राघवेंद्र चौहान की सैफई विश्वविद्यालय में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। इटावा में पोस्टमार्टम होने के बाद शव देर शाम मैनपुरी स्थित आवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही घर में चित्कार मच गया। मृतक की पत्नी अंजू का कहना है कि उनके पति ने आत्महत्या नहीं की है। उन्होंने बताया कि उनकी सिम टूटी हुई थी, साथ ही रुपये भी फटे हुए थे। मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सैफई विश्वविद्यालय में जहां घटना हुई है, वहां के सीसीटीवी कैमरे खराब बताए गए हैं। अगर कैमरे ठीक होते तो घटना की सच्चाई सबके सामने आ जाती।
पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल
राघवेंद्र की मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रोकर हाल बुरा है। पत्नी अंजू चौहान के अलावा राघवेंद्र के 20 वर्षीय पुत्री पायल और 12 वर्षीय पुत्र सौम्य चौहान है।