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बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर विवाद: परिजन का ये बड़ा फैसला; ट्रस्ट के एकाधिकार से पैतृक मकान मुक्ति की मांग

Wed, 26 Aug 2026 09:53 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद

सार

बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली विवाद में परिजन कोर्ट का रुख करेंगे। परिजन की ट्रस्ट के एकाधिकार से पैतृक मकान मुक्त कराने की मांग है। बाबा के छोटे बेटे की छह बेटियों ने पहले ही डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा था। मुंबई से पहुंचे दामाद ने कहा है कि यदि जिला प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो सिविल कोर्ट में केस दायर करेंगे।
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baba neeb karori - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फिरोजाबाद में विश्वविख्यात संत बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली टूंडला के अकबरपुर स्थित पैतृक मकान को लेकर उठा विवाद अब विधिक लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है। बाबा महाराज के छोटे बेटे दिवंगत धर्मनारायण शर्मा की छह बेटियों (नातिनों) द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद, अब परिवार ने साफ कर दिया है कि यदि जिला प्रशासन से उन्हें जल्द राहत और न्याय नहीं मिला तो वे इस पूरे मामले को सिविल कोर्ट लेकर जाएंगे।
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मुंबई निवासी पोती के भावना रावत के पति मनोज रावत ने स्पष्ट किया है कि परिवार अपनी पैतृक संपत्ति की मुक्ति और बाबा की जन्मस्थली को निजी कब्जे से बचाने के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन स्तर पर राहत नहीं मिली तो तो परिवार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। 

इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। बता दें कि बाबा नीब करौरी महाराज (मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा) और उनकी पत्नी दिवंगत राम बेटी शर्मा के परिवार में दो बेटे अनेक सिंह शर्मा व दिवंगत धर्मनारायण शर्मा थे। एक बेटी गिरजा भटेले, आगरा निवासी हैं। 

 

दिवंगत धर्मनारायण शर्मा की छह बेटियां सुनीता शर्मा (वृंदावन), अर्चना शर्मा (दिल्ली), वंदना शर्मा (मथुरा), भावना रावत (मुंबई), रितु तिवारी (दिल्ली) और रिचा रावत (गुड़गांव) बीती 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि पर अकबरपुर आईं थीं

सभी छह बहनों ने डीएम को एक संयुक्त प्रार्थना पत्र सौंप आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत नगला/अकबरपुर स्थित निजी मकान संख्या 154 (व), जिसमें बाबा नीब करौरी महाराज का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष बना हुआ है। 
 

एकाधिकार जमा लेने का लगाया आरोप
परिजन का कहना है कि श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट के माध्यम से निजी एकाधिकार जमा लिया गया है। उनकी मांग है कि निजी स्वार्थों और कब्जे का विवाद समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन स्वयं एक आधिकारिक प्रशासनिक ट्रस्ट का गठन करे। 

 

डीएम पदेन सदस्य बनाए जाएं
परिजन की मांग है कि प्रस्तावित ट्रस्ट में डीएम फिरोजाबाद को पदेन अध्यक्ष तथा एसडीएम व तहसीलदार को पदेन सदस्य बनाया जाए ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं पारदर्शी और सुचारू रह सकें।

यह है पूरा मामला
फिरोजाबाद के टूंडला के अकबरपुर स्थित बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पैतृक मकान को श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट से मुक्त कराने के लिए उनके छोटे बेटे की छह बेटियों (पोतियों) ने प्रशासनिक अफसरों से गुहार लगाई है।

 

बाबा नीब करोरी (मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा) और उनकी पत्नी राम बेटी शर्मा के दो बेटे अनेक सिंह शर्मा व धर्म नारायण शर्मा थे। एक बेटी गिरजा भटेले आगरा में रहती हैं। छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा का कोई पुत्र नहीं है, उनकी छह बेटियां सुनीता शर्मा (वृंदावन), अर्चना शर्मा (दिल्ली), वंदना शर्मा (मथुरा), भावना रावत (मुंबई), रितु तिवारी (दिल्ली) और रिचा रावत (गुरुग्राम) हैं।

 

ये सभी बहनें बीते 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि मनाने अकबरपुर आई थीं। इसी दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसे 21 अगस्त को विधिवत पत्रवाहक के जरिए दर्ज कराया गया। 

 

जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में बहनों ने आरोप लगाया है कि अकबरपुर स्थित ग्राम पंचायत नगला के निजी मकान संख्या 154-व में बाबा नीम करोरी का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष बना हुआ है, जिस पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट काबिज है।

 
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सोमवार को भावना रावत के पति मनोज रावत मुंबई से फिरोजाबाद पहुंचे और उन्होंने डीएम से मुलाकात कर बताया कि श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट में संजय गुप्ता ट्रस्टी थे और उनके ससुर धर्म नारायण शर्मा की सेवा करते थे। ससुर के निधन के बाद उन्होंने ट्रस्ट पर अपना एकाधिकार स्थापित कर बाबा नीब करोरी के पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया। मनोज रावत ने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई करने, पैतृक संपत्ति वापस दिलाने और मकान को मुक्त कराने की मांग की।
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