कासगंज में तिरंगा यात्रा के विवाद में गोली का शिकार हुए अभिषेक उर्फ चंदन के परिवार में कोहराम मचा है। मां, बाप, भाई, बहन सभी का बुरा हाल है। मां संगीता बार बार रो रोकर कह रही थी कि मेरा चंदन तिरंगे में लिपटकर चला गया।
साथ ही वह यह सवाल भी लोगों से पूछ रही थी कि क्या तिरंगा यात्रा निकालना गुनाह है, अगर ऐसा है तो मुझे भी गोली मार दो। मैं भी उसके साथ तिरंगे में लिपटकर जाना चाहती हूं।
उनका कहना है कि उनका बेटा शहीद हुआ है और उसे शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन (20) बीकॉम फाइनल ईयर का छात्र था। चंदन के पिता एक निजी नर्सिंग होम में कंपाउंडर का कार्य करते हैं।
मृतक अभिषेक उर्फ चंदन
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घर के आर्थिक हालात भी बेहतर नहीं हैं। इसके बावजूद अभिषेक उर्फ चंदन के मन में जबरदस्त सेवा का भाव रहता था। कई लोगों को अपना रक्त देकर वह उन्हें जीवन भी दे चुका है।
कुछ समय पहले भी उसने अपने साथियों के साथ गरीबों की मदद करते हुए स्वेटर, कंबल आदि वितरित किए। अभिषेक अपने घर में सबसे छोटा था।
उसका सबसे बड़ा भाई विवेक गुप्ता मेडिकल रिप्रजेंटेटिव है। जबकि उसकी बहन कीर्ती गुप्ता की शादी हो चुकी है। पूरे परिवार के लोग चंदन को याद करके गम में डूबे हुए हैं।
चंदन की मौत से हर कोई नजर आया आहत
भीड़ के बीच घिरे सांसद राजवीर सिंह
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दंगे में फायरिंग के दौरान गोली लगने से चंदन उर्फ अभिषेक गुप्ता को उपचार के लिए ले जाते समय मौत हो गई। उसकी मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। कम आयु के युवक की मौत से लोगों की संवेदनाएं उसके प्रति पैदा हो गईं।
लोगों ने उसकी तस्वीर को फेसबुक, व्हाट्सअप आदि सोशल मीडिया पर डालना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तस्वीरें शेयर होने लगीं। एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में तस्वीरें पहुंचना शुरू हो गईं।
लोगों ने भावनाएं कमेंट के माध्यम से प्रकट की। युवक की मृदुभाषी होने के कारण उसकी मौत हर किसी को चुभ रही थी। लोगों में संवेदनाओं के साथ रोष भी देखा गया।