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सहारों की मौत से टूट गए हैं परिवार

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कासगंज। गांधी मूर्ति इलाके में रविवार की सुबह सन्नाटा था, कुछ देर बाद भगदड़ मच गई। दुकान स्वामी और दो मजदूरों की मौत की खबर के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया तो घायलों के परिजन भी रोते सिसकते अस्पताल की ओर दौड़ लिए। तीन लोगों की मौत के बाद परिजन बिलख और सिसक रहे हैं।
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हादसे ने छीन लिया सहारा
दुर्गा कॉलोनी की गली नंबर 3 निवासी कुंवर पाल 20 वर्षीय बेटे राकेश की मौत से बेहद दुखी हैं। बेटे की मौत के साथ परिवार के सहारे को खोने की दोहरी मार उन पर पड़ी है। कुंवरपाल कहते हैं कि रंजिश और दबंगों के डर से गांव छोड़ दिया। वे मूल रूप से गंजडुंडवारा के सिरसौल के रहने वाले हैं, लेकिन बच्चों को रंजिशन कोई दिक्कत न हो जाए इसलिए गांव छोड़कर दुर्गा कॉलोनी में किराए पर रह रहे थे। बड़ा बेटा बीमार रहता है। उसका इलाज चल रहा है। उससे छोटा बेटा राकेश मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। राकेश के तीन छोटी बहने हैं। बताया कि सभी संतान अविवाहित हैं। वे स्वयं सब्जी बेचकर परिवार का पोषण करते हैं। हादसे ने उनका सहारा छीन लिया है।
परिवार का सहारा था होनहार बेटा
भवन स्वामी कुलदीप बेसिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनके पिता सत्य प्रकाश बिड़ला बताते हैं कि बेटा हनौता के सरकारी स्कूल में तैनात था। इन दिनों स्कूल बंद चल रहे हैं। ऐसे में बेटे ने भवन का निर्माण पूरा कराने का मन बनाया था। पिता ने बताया कि कुलदीप का बढ़ा बेटा 22 साल का शिवांक बिड़ला है, 20 साल की बेटी आशी और 14 साल की बेटी देवांशी है। तीनों ही बच्चों के सिर से पिता का साया हट गया। मृतक के पिता ने बताया कि लगभग दस साल पहले उनकी पत्नी रतन बिड़ला का निधन हो गया था। वे शिक्षा विभाग में शिक्षिका थीं उनकी मौत के बाद बेटे कुलदीप को मृतक आश्रित की नौकरी मिली थी।
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