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यूपी: ऊर्जा मंत्री के शहर में बिजली वालों ने दर्ज करा दिए झूठे मुकदमे, ऐसे आया मामला सामने

Tue, 01 Oct 2019 03:16 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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बिजली मीटर (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के शहर में बिजली वालों ने उपभोक्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए। पुलिस की विवेचना में खुद बिजली वालों ने स्वीकार किया है कि गलती से रिपोर्ट हो गई है। जब यह केस अदालत में पहुंचे तो पूरा मामला सामने आया। सोमवार को विशेष न्यायाधीश ने इस मामले में दो इंजीनियरों के खिलाफ धारा 182 में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।  

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12 अगस्त 2018 को बिजली विभाग के अवर अभियंता आनंद पाल सिंह ने हाईवे थाना क्षेत्र में उपभोक्ता मोहन के खिलाफ बकायेदारी में काटे गए कनेक्शन को पुन: जोड़ कर बिजली चालू करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि विवेचना में खुद धारा 161 के बयान में उन्होंने स्वीकार किया कि यह मुकदमा गलती से लिखा दिया गया है। यह कोई एक मामला नहीं है, उनके द्वारा दो अन्य मामलों में भी खुद गलती से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात स्वीकार की गई है। विशेष न्यायाधीश एडीजे-4 राम इच्छुक यादव ने उनके खिलाफ धारा 182 के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

उधर, जूनियर इंजीनियर द्वारा इसी प्रकार की गलती हाईवे थाने में दर्ज दो अन्य मुकदमों में भी स्वीकार की गई है। न्यायालय ने अन्य दो मामलों में भी उनके खिलाफ धारा 182 की कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इसके अलावा अवर अभियंता विनय शर्मा द्वारा कोतवाली क्षेत्र मनोहरपुरा निवासी साबिर के खिलाफ बिजली चोरी किए जाने की दो रिपोर्ट दर्ज कराई गईं। पुलिस ने जांच में बिजली इंजीनियर के आरोपों को गलत पाया। न्यायालय में बिजली इंजीनियर हाजिर भी नहीं नहीं हो सके। न्यायालय ने इन मामलों को भी संज्ञान लेते हुए विद्युत इंजीनियर के खिलाफ धारा 182 की कार्रवाई की है।
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पूर्व में भी न्यायाधीश शासन को लिख चुके हैं पत्र

मथुरा में बिजली अधिकारियों की कारगुजारी के खिलाफ पूर्व में भी न्यायाधीश अमर पाल सिंह द्वारा शासन को पत्र लिखा गया था तथा बताया गया था कि किस प्रकार से बिजली अधिकारी अपने आला अधिकारियों को खुश करने के लिए गुडवर्क को अंजाम दे रहे हैं। न्यायाधीश के इस पत्र से शासन में खलबली मच गई थी परंतु इस संबंध में आज तक कोई जांच नहीं हुई।

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