आगरा की सदर तहसील में फर्जी वसीयत, बैनामा, एग्रीमेंट, पट्टे, मुख्तयारनामा तैयार करने वाला गिरोह सक्रिय है। खाली पड़ी जमीनों का पता कर गिरोह मूल दस्तावेजों के स्थान पर फर्जी दस्तावेज लगा देता है। बोदला में करोड़ों की जमीन पर कब्जे के मामले के बाद भी अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं।
हाल ही में फर्जी तरीके से जमीनों के बैनामे और तहसील से दस्तावेज गायब करने के मामले में सदर और शाहगंज थाने में चार केस दर्ज किए गए हैं। इनमें 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से तहसील में सक्रिय गिरोह और एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा भी शामिल है। पुलिस चारों प्रकरण में जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के पास लगातार जमीनों के फर्जीवाड़े की शिकायत मिल रही हैं। किसी की जमीन पर फर्जी दस्तावेज से कब्जा किया गया है तो किसी की जमीन को बेच दिया गया।
साैदा करने वाले से लेकर गवाही देने वाले भी फर्जी लोग सामने आ रहे हैं। जमीनों के पट्टे तक तैयार किए जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर अलग-अलग थानों की पुलिस की टीम जांच में लगी हैं। पुलिस के मुताबिक, कई गिरोह के बारे में जानकारी मिली है। इनमें ताजगंज, सिकंदरा, जगदीशपुरा, सदर सहित अन्य इलाके शामिल हैं। यह गिरोह पहले खाली पड़ी जमीनों को चिह्नित करते हैं। तहसील से दस्तावेज निकलवाए जाते हैं। मूल दस्तावेजों को बदल दिया जाता है। इसके बाद फर्जी विक्रेता से लेकर गवाह तक बनाकर बैनामा कर दिया जाता है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि कई मामले पुलिस के पास पहुंच गए हैं। इनमें टीम जांच कर रही हैं।