बीएसए से दीप्ति प्रकरण के संबंध में जानकारी लेते जांच अधिकारी
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मैनपुरी। फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनुदेशक बनी दीप्ति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कस्तूरबा करहल की फर्जी शिक्षिका दीप्ति की तलाश में जुट गई है। मंगलवार को पुलिस विभाग के जांच अधिकारी बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बीएसए और जिला समन्वयक प्रशिक्षण से जानकारी ली।
जांच अधिकारी आरएन सिंह ने फर्जी शिक्षिका के संबंध में बीएसए विजय प्रताप सिंह और जिला समन्वयक प्रशिक्षण धीरेंद्र प्रताप से एक घंटे तक जानकारी जुटाई। उन्होंने विभाग में उपलब्ध उनके दस्तावेजों और सत्यापन के बारे में भी पूछताछ की। जांच के लिए जरूरी दस्तावेजाें की प्रति भी उन्होंने कार्यालय से प्राप्त की। जांच अधिकारी ने बताया कि कि दीप्ति बनकर अनुदेशक की नौकरी करने वाली सुनीता की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आए हैं। इससे पुलिस ने फर्जी शिक्षिका दीप्ति की तलाश तेज कर दी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ये है पूरा मामला
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की जांच में बेवर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जमौरा में दीप्ति के नाम से तैनात अनुदेशक और कस्तूरबा गांधी करहल में तैनात शिक्षिका दीप्ति के दस्तावेजों फर्जी पाए गए थे। दोनों पर 17 जून 2020 को शहर कोतवाली में खंड शिक्षाधिकारी रामशंकर कुरील ने एफआईआर दर्ज कराई थी। 18 सितंबर को सुनीता से दीप्ति बनी अनुदेशक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस को अभी तक कस्तूरबा करहल की शिक्षिका दीप्ति की तलाश है।
फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाली अनुदेशक और कस्तूरबा की शिक्षिका दीप्ति को बर्खास्त किया जा चुका है। कोतवाली में विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसके आधार पर अनुदेशक को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस शिक्षिका की तलाश में है। जिस संबंध में जांच अधिकारी ने उनके कार्यालय आकर उनसे कुछ जानकारियां ली हैं। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। - विजय प्रताप सिंह बीएसए