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फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए फिर से कार्रवाई हुई शुरू

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मैनपुरी। हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद एसआईटी की सूची में शामिल बीएड की फर्जी डिग्रीधारक शिक्षकों की बर्खास्तगी को लेकर फिर से तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। हाईकोर्ट के 28 पेजों के निर्णय का बीएसए व उनकी टीम अध्ययन कर रही है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम की वर्ष 2005 में फर्जी बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। बीएसए विजय प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ हाईकोर्ट से जारी 28 पेजों के निर्णय का अध्ययन कर रहे हैं। कोर्ट ने टेंपर्ड व फेंक डिग्रीधारकों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी है। आगरा विश्वविद्यालय से जारी सभी फर्जी डिग्रीधारकों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। जिले में 81 शिक्षकों की सूची प्राप्त हुई थी। इनमें से तीन को पूर्व में बर्खास्त किया जा चुका है। 30 नवंबर को 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी हुई थी। ये शिक्षक कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने 65 शिक्षकों को बिना वेतन के बहाल किए जाने के निर्देश दिए थे। उनका वेतन अंतिम निर्णय पर निर्भर था। अब कोर्ट का अंतिम निर्णय भी आ गया है। इसमें कोर्ट ने किसी प्रकार की राहत नहीं दी है। अब इन शिक्षकों की बर्खास्तगी करीब तय मानी जा रही है।
कोर्ट का निर्णय आ गया है, इसकी जानकारी प्राप्त होने के बाद 28 पेजों के निर्णय का अध्ययन किया जा रहा है। कोर्ट के जो आदेश होंगे उनका पालन किया जाएगा। विश्वविद्यालय सूची प्राप्त होते है विभाग के निर्देश पर फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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