मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग से बर्खास्तगी का आदेश जारी होने के बाद एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित शिक्षकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को बीएसए कार्यालय पर बर्खास्तगी लैटर लेने के लिए सभी 74 शिक्षक पहुंच गए। इनमें से कुछ को मौके पर ही बर्खास्तगी पत्र सौंप दिए गए जबकि कुछ को खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से बीआरसी केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित जिले के 74 शिक्षकों को जिला समिति की संस्तुति के बाद बीएसए ने शनिवार को बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्तगी की जानकारी होने के बाद सोमवार को बर्खास्त किए गए शिक्षक बीएसए कार्यालय पर पहुंचे और बर्खास्तगी पत्र प्राप्त करने की मांग करने लगे। बीएसए द्वारा बताया गया कि उनके बर्खास्तगी पत्र खंड शिक्षाधिकारियों को भेज दिए गए हैं। तभी वहां खंड शिक्षाधिकारी कुरावली पहुंच गए। उन्होंने विकास खंड कुरावली के बर्खास्त शिक्षकों को मौके पर ही बर्खास्तगी पत्र सौंप दिए। बर्खास्त किए गए शिक्षकों को दावा था कि वे एक सप्ताह के अंदर कोर्ट से स्टे लेकर आएंगे।
पूर्व जांच में क्यों दर्ज किया गया सत्य
मैनपुरी। बर्खास्त शिक्षकों का कहना था कि नियुक्ति के समय उनकी जांच कराई गई थी तो उस समय उनके अभिलेख सत्य कैसे हो गए। उन लोगों के साथ जानबूझकर नाइंसाफी की जा रही है। वे लोग इसके लिए कोर्ट जाएंगे कोर्ट से निश्चित ही उन्हें न्याय मिलेगा।
सभी शिक्षकों के बर्खास्तगी पत्र खंड शिक्षाधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। उन्हें जो आदेश था उसका उन्होंने पालन किया। आगे जो भी आदेश होंगे उनका भी पालन किया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए