अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई तेज होती जा रही है। शासन के अपर सचिव ने बीएसए को पत्र भेजकर विशेष जांच दल (एसआईटी) सूची में शामिल शिक्षकों पर अब तक कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। बीएसए ने एसआईटी द्वारा भेजी गई सीडी से जिले के शिक्षकों की फिर से जांच के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को सीडी से मिलान के बाद बीएसए को जांच पूरी करने का प्रमाणपत्र भी देना होगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री के मामले का खुलासा वर्ष 2017 में एसआईटी ने किया था। उस समय एसआईटी ने विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्रदेश में शिक्षक बनने वाले 5213 फर्जी शिक्षकों की सूची तैयार कर सीडी बीएसए को भेजी थी।
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बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों से सीडी से जिले में तैनात शिक्षकों के मिलान के निर्देश दिए थे। जांच के बाद सीडी में जिले के 77 शिक्षकों को शामिल माना गया। अपर सचिव शासन का पत्र पहुंचने के बाद बीएसए ने एक बार फिर से खंड शिक्षाधिकारियों को एसआईटी से भेजी गई सीडी से अपने विकास खंड में तैनात शिक्षकों की जांच व मिलाने करने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को दो दिन के अंदर सीडी से मिलाने के बाद इस बात का प्रमाणपत्र देना होगा कि सीडी में शामिल सभी शिक्षकों को फर्जी शिक्षकों की सूची में शामिल करा दिया गया है।