मैनपुरी में बेसिक शिक्षा विभाग से बर्खास्त किए गए फर्जी शिक्षकों के पते भी फर्जी निकले हैं। साढ़े तीन साल में इनकी तलाश न तो पुलिस कर सकी और न ही शिक्षा विभाग। रिकवरी सहित अन्य कार्रवाई न होने की स्थिति में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के पते फर्जी होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में अब तक कई शिक्षक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करते पकड़े गए हैं। फर्जी शिक्षक होने की शिकायतों के बाद वर्ष 2017 में तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने वर्ष 2010 से 2017 तक हुई नियुक्तियों की जांच कराई तो 31 शिक्षक फर्जी पाए गए।
एक जुलाई 2017 को थाना कोतवाली में सभी फर्जी शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस अब तक शिक्षक तो छोड़िए उसका सही पता भी नहीं खोज पाई है। हाल ही में शासन ने शिक्षकों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया गया। इसमें शिक्षा विभाग ने साफ शब्दों में लिखा है कि शिक्षकों के रिकार्ड में दर्ज पते फर्जी मिले हैं, इस कारण से उनके खिलाफ रिकवरी सहित अन्य कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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किस भर्ती में कितने मिले थे फर्जी शिक्षक
10800 शिक्षक भर्ती 2013 में फर्जी मिले शिक्षक -13
29 हजार शिक्षक भर्ती 2013 में फर्जी मिले शिक्षक-08
10 हजार शिक्षक भर्ती 2014 में फर्जी मिले शिक्षक- 10
इन ब्लॉकों में निकले फर्जी शिक्षक
ब्लाक संख्या
किशनी 6
बरनाहल 8
बेवर 1
घिरोर 6
सुल्तानगंज 8
कुरावली 2
इन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हुई थी एफआईआर
विकास चंद्र, चंद्रकांत, राजीव कुमार, उपेंद्र सिंह, ऊषा, शीला देवी, हरवेंद्र कुमार, नवनीत कुमार, योगेश कुमार, रामकुमार, सरविंद्र कुमार, विनोद सिंह, दिलीप कुमार, संजय कुमार, आशीष कुमार, सुरेखा, विनोद कुमार, सुनील कुमार, वीपी सिंह, अनुरुद्ध कुमार, मोहित यादव, देवेंद्र सिंह भिड़वार, राजकुमार, अंजली राय, अभिषेक कुमार, रमेश यादव, राजकुमारी, पूनम यादव, प्रवेंद्र कुमार, देवेश शर्मा के कागजात फर्जी निकलने पर बीएसए रामकरन यादव ने कोतवाली में सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
शासन से फर्जी शिक्षकों से रिकवरी व अन्य कार्रवाई की जानकारी मांगी गई थी। पुलिस कार्रवाई की सूचना सहित सारी जानकारी शासन को भेज दी गई है। रिकार्ड में दर्ज शिक्षकों के पते पुलिस रिपोर्ट के अनुसार फर्जी हैं। - विजय प्रताप सिंह, बीएसए