आगरा में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली माल की बिक्री का एक और मामला सामने आया। एसटीएफ ने मंगलवार को अवधपुरी में एक घर में संचालित नमक और डिटर्जेंट पाउडर की फैक्टरी पकड़ी। संचालक दाैलतपुर (मलपुरा) निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू राठाैर को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी दिल्ली से पैकिंग मेटेरियल लाता था। कंपनी के नाम से पैकिंग कर बेचा करता था। हर महीने 20 लाख का माल बाजार में खपाया जा रहा था। एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि काफी समय से टीम नकली माल बेचने और बनाने वालों की धरपकड़ में लगी है।
टीम को आगरा व आसपास के जिलों में नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर बनाने की फैक्टरी संचालित होने की जानकारी मिली थी। सोमवार रात को अवधपुरी स्थित मकान नंबर 77 पर दबिश दी गई। फैक्टरी में हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड के नकली प्रोडक्ट बनाए जा रहे थे।
एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि फैक्टरी से उपकरणों के साथ कम गुणवत्ता का नमक, डिटर्जेंट पाउडर, पाउच, पैकिंग मशीन आदि बरामद किए गए। नकली माल की सप्लाई आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा के अलावा राजस्थान के माधाैगढ़, किशनगढ़, चित्ताैड़गढ़ व धाैलपुर आदि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में की जा रही थी।
आरोपी तीन साल से इस काम में लगा था। उसके मोबाइल में हर महीने 20 लाख रुपये तक का माल बेचे जाने की जानकारी मिली है। इससे उसे हर महीने 2.50 लाख से 3 लाख तक का मुनाफा हो रहा था।
एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि दिल्ली में हेमंत और वासु नकली पाउच और कट्टों की बिक्री करते हैं। मामले में थाना जगदीशपुरा में काॅपीराइट, धोखाधड़ी, ट्रेडमार्क अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया गया है। इसमें दिल्ली के सप्लायरों को भी नामजद किया है। उनकी तलाश में एसटीएफ लगी है।
एक पैकेट पर 10 रुपये तक का फायदा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जितेंद्र ने बताया कि वह रामबाग स्थित गोदाम से नमक का 100 किलोग्राम का कट्टा 300 रुपये में लेकर आता था। यह कम गुणवत्ता और मानक का होता था। दिल्ली के दो लोग सर्फ एक्सेल और टाटा कंपनी के पाउच बेचते हैं। वह उसे मिल जाते थे। बाजार में कंपनी के नमक के पैकेट की कीमत तकरीबन 30 रुपये है। वह 8 से 10 रुपये में नकली नमक के एक किलोग्राम के पैकेट तैयार कर लेता और 20 रुपये तक में बेचता था।
कमीशन पर लेकर जाते थे एजेंट माल
जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि नकली डिटर्जेंट पाउडर दरेसी के बाजार से लेकर आता था। खुले में बिकने वाले पाउडर की कीमत 50 रुपये से भी कम होती है। वह कट्टे खरीदता था। इनसे सर्फ एक्सेल कंपनी के 80-80 ग्राम के पाउच बनाकर बाजार में बिक्री कर देता था। कीमत 10 रुपये तक रखता। एक किलोग्राम पर 50 रुपये तक की बचत होती थी। एजेंट माल लेकर जाते थे। उन्हें आरोपी कमीशन दिया करता था।
फेवीक्विक, टूथपेस्ट भी नकली
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी पूर्व में कुछ लोगों के साथ दिल्ली से नकली फेवीक्विक, दंत कांति टूथपेस्ट, एमडीएच कंपनी का गरम मसाला, मैग पाउडर, गोल्डफ्लैक सिगरेट आदि लेकर आता था। इनकी बाजार में सप्लाई होती थी। तीन साल से अपनी फैक्टरी खोलकर नकली माल की पैकिंग कर बेच रहा था। आरोपी से तीन छोटी-बड़ी पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन, कांटा, 4,720 सर्फ के 80 ग्राम वाले पाउच, 1,375 किलोग्राम के नकली नमक के कट्टे, 4,800 किलोग्राम स्थानीय नमक, 620 खाली कटटे, 13,400 खाली पाउच नमक आदि माल बरामद किया गया है।