घटना के बाद से ही बदर फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर ईनाम भी घोषित किया था। पड़ोसियों को जब पता चला कि 27वें दिन बदर भी पकड़ लिया गया तो एक ही बात बोले की अपनों का खून करने वालों को सख्त सजा मिले।
पत्नी और चार बेटियों के हत्याकांड में आरोपी इस्लाम नगर निवासी बदर उर्फ बदरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद पड़ोसियों ने भी राहत की सांस ली है। हत्याकांड के बाद आरोपी पिता और पुत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो पड़ोसियों से परेशान होकर घटना करने की बात कह रहे थे। पड़ोसियों को जब पता चला कि 27वें दिन बदर भी पकड़ लिया गया तो एक ही बात बोले की अपनों का खून करने वालों को सख्त सजा मिले।
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इस्लाम नगर निवासी बदर फेरी लगाकर कपड़ों को बेचने का काम करता था। परिवार में उनकी पत्नी अस्मा (49), बेटा अरशद, बेटियां अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9) थीं। 16 दिसंबर 2024 को अरशद का पड़ोसी से विवाद हुआ था। मामला पुलिस तक पहुंचा था। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
दो दिन बाद 18 दिसंबर को एक बार फिर पड़ोसियों से उनका झगड़ा हुआ था। इसी दिन बदर अपने परिवार को लेकर कहीं चले गए। 30 दिसंबर को अजमेर से लखनऊ आए थे। दो दिन के लिए होटल का कमरा बुक कराया था। आरोप है कि 31 दिसंबर की रात में अरशद ने पिता के साथ मिलकर मां और बहनों की हत्या कर दी थी।
इस हत्याकांड के बाद दोनों के वीडियो सामने आए थे। इसमें वो पड़ासियों पर आरोप लगा रहे थे। घटना की जानकारी पर मोहल्ले के लोग हैरत में पड़ गए थे। पुलिस ने बदर की जमीन खरीदने वाले और पड़ोसी आफताब को पकड़कर ले गई थी। उन्हें हिरासत में रखा गया था। बाद में लखनऊ पुलिस ने आकर जांच की थी। पड़ोसियों के बयान दर्ज किए थे।
बाद में चार लोगों को पकड़कर लखनऊ ले गई थी, जिनमें बदर और उनके परिवार को अपने साथ ले जाने वाले पिता-पुत्र भी शामिल थे। मोहल्ले के लोगों को मंगलवार सुबह बदर के पकड़े जाने की जानकारी मिली। इस पर उन्होंने यही कहा कि आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। पड़ोसियों को झूठा फंसाने के लिए हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
पड़ोसी आफताब ने बताया कि पड़ोसियों से कोई विवाद नहीं था। इसके बावजूद पिता पुत्र लोगों को फंसाना चाहते थे। उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पड़ोसी शायरा बानो ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र ने अपनों का खून कर दिया। इसके बाद झूठे आरोप भी लगाते रहे। पुलिस ठोस साक्ष्य इकट्ठा कर सजा दिलाए।
पुलिस की जांच बंद
बदर ने पड़ोसियों से विवाद के मुख्यमंत्री से लेकर अन्य अधिकारियों को प्रार्थनापत्र भेजा था। थाना ट्रांस यमुना पुलिस पर भी कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की। जांच होने से पहले ही हत्याकांड कर डाला। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बदर और अरशद पर हत्या का मुकदमा दर्ज है। ऐसे में पूर्व में मिली जांच को खत्म कर दिया गया है। लखनऊ पुलिस से जानकारी ली जाएगी। अगर, बदर ने पूछताछ में कुछ जानकारी दी होगी तो उस पर जांच कराई जाएगी।