जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया
परिवहन निगम के अधिकारियों ने बस अड्डों के आसपास से सवारियां भरने वालीं 10 बसों को एक सप्ताह के भीतर पकड़कर आरटीओ में बंद करवाया था। परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने आरएम के निर्देश के बाद रोडवेज के रंग में चलने वाली इन बसों की धरपकड़ की थी। लेकिन सभी बसें 15-20 दिनों में आरटीओ में जुर्माना जमा करके छूट गईं।
एफआईआर कराई फिर बस छोड़ दी
अमर उजाला की पड़ताल में यह भी सामने आया कि आरटीओ में बंद करवाई गईं दो बसों को एफआईआर के बाद भी जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया। बस संख्या यूपी 82 टी-9197 और यूपी 82 टी-1715 को भी परिवहन निगम के अधिकारियों ने पकड़ा था। इन बसों को आरटीओ की फर्जी रसीदों से छुड़ाने दो लोग पहुंचे थे। मामले में यात्री मालकर अधिकारी राजेश मोहन ने थाना हरीपर्वत में रिपोर्ट लिखाई थी। लेकिन इन बसें को भी 15-20 दिन बाद छोड़ दिया गया।
आरएम ने 40 बसों की सौंपी थी सूची
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंढीर ने 20 दिसंबर, 2020 में 40 बसों की सूची आरटीओ को सौंपी। यूपी और रोडवेज के रंग की ये बसें आईएसबीटी और अन्य बस अड्डों के आसपास से सवारियां ढो रही थीं। इसके बाद जनवरी में इन बसों की धरपकड़ की गई थी। आईएसबीटी के प्रभारी चंद्रहंस ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ छह बसों को पकड़कर बंद करवाया था। बाद में अन्य बसों को पकड़वाया गया था।