आगरा। राज्यकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने वजीरपुरा स्थित एक फर्म के कागजों पर करोड़ों की खरीद दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) चोरी का खुलासा किया है। डाटा एनालिसिस के आधार पर की गई इस जांच के बाद विभाग ने 1.23 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक कर लोहामंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रैंडम जांच में संदिग्ध गतिविधि दिखने पर उपायुक्त आकांक्षा शुक्ला, सहायक आयुक्त कमलेश कुमार और राज्य कर अधिकारी प्रशांत कुमार गौतम की टीम ने जांच शुरू की। इसमें सामने आया कि आरोपी व्यापारी अर्जित सिंह ने अपनी ही फर्में विभिन्न राज्यों में बनाकर केवल आईटीसी हड़पने का सिंडिकेट तैयार किया था। फर्म ने दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर और आगरा की पांच विभिन्न फर्मों से 9.19 करोड़ की वास्तविक खरीद किए बिना ही 1.71 करोड़ की बोगस आईटीसी क्लेम कर ली। व्यापारी ने दिल्ली की फर्म से पाइप की खरीद दिखाई, जबकि उस फर्म ने रिकॉर्ड में पेपर की बिक्री दर्ज की थी। वास्तविक माल ढुलाई नहीं पाई गई। पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर का उपयोग कर 10 अलग-अलग फर्में पंजीकृत कराने की जानकारी मिली। इनमें से 5 फर्में पहले ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निरस्त हो चुकी हैं।