जीनखाना में पुलिस नकली मोबिल ऑयल का कारखाना पकड़ चुकी है। यहीं के नासिर, सन्नो, सतिया आरोपी हैं। जीनखाना के ही धंधेबाजों के कारखाने ताजगंज, छत्ता में पकड़े गए हैं। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक जीनखाना की गलियों में लोगों से बातचीत कर जानकारी की।
आगरा के जीनखाना में नकली मोबिल ऑयल बनाने का काम दो चार नहीं बल्कि लगभग 200 लोग कर रहे हैं। इस धंधे को लोग डी के नाम से जानते हैं, डी यानी डुप्लिकेट। वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, कुशीनगर सहित पूर्वांचल के सभी जिलों में यहां की 90 फीसदी आपूर्ति है। इसके लिए फर्जी कंपनी बनाई गई हैं। फर्जी बिल से माल भेजा जाता है। यह जानकारी गुरुवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में सामने आई।
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जीनखाना में पुलिस नकली मोबिल ऑयल का कारखाना पकड़ चुकी है। यहीं के नासिर, सन्नो, सतिया आरोपी हैं। जीनखाना के ही धंधेबाजों के कारखाने ताजगंज, छत्ता में पकड़े गए हैं। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक जीनखाना की गलियों में लोगों से बातचीत कर जानकारी की।
नासिर के घर के पास ही 55 वर्षीय दुकानदार ने बताया, यहां नकली मोबिल ऑयल का काम घर-घर में होता है, कम से कम 200 लोग लगे होंगे। उनकी बात तसदीक करने के लिए हम उस कारखाने में पहुंचे जो सात दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था। यहां नकली मोबिल ऑयल की पैकिंग होती थी। यह बंद पड़ा था।
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नकली मोबिल आयल बनाने वाली फैक्टरी का भंडाभोड़
- फोटो : अमर उजाला
ऑर्डर देकर कराई जाती थी पैकिंग
इसके पास ही रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने बताया कि 10 से 15 घरों में तेल (नकली मोबिल ऑयल) बनता था, यह पुलिस के छापे के बाद से बंद है। तेल बनाने वाले ही पैकिंग का ऑर्डर देते हैं। 50-60 घरों में पैकिंग होती है। पैकिंग करने वाली एक महिला का कहना था कि उन्हें तो डिब्बे और तेल मिलता था, ऑर्डर पूरा करके दे देते थे और कुछ नहीं जानते।
500 दुकानों पर बेचा जाता था असली मोबिल ऑयल
जीनखाना में असली मोबिल ऑयल का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। इसी की आड़ में कुछ लोग नकली बना रहे हैं। यहां 500 दुकानों पर असली मोबिल ऑयल बेचा जाता है।
ऐसे होता है खेल : खाली ड्रम पर ब्रांड का लेबल लगा देते हैं
यहां 100 कारखाने ड्रम, कनस्तर साफ करने के चल रहे हैं। ब्रांडेड कंपनियों के ड्रम, डिब्बे और कनस्तर लाकर उन्हें साफ किया जाता है। इन्हीं को धंधेबाज खरीदकर ले जाते हैं। इनमें ब्रांड का लेबल लगाते हैं और नकली मोबिल ऑयल भरकर असली बताकर बेचते हैं।
हां... डी का धंधा पूर्वांचल तक फैला है : सीओ
जीनखाना में की गई पड़ताल के बाद हमने सीओ छत्ता विकास जायसवाल से बातचीत की। उनके नेतृत्व में ही छापे मारने, केस दर्ज कराने और धंधेबाजों की गिरफ्तारी का काम हुआ है।
सवाल: क्या यह सही है कि यहां 200 लोग नकली मोबिल ऑयल बनाने में लगे हैं। जवाब : आंकड़ा सही हो सकता है, क्योंकि यह धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा था, अब बंद है, क्योंकि कार्रवाई हो रही है।
सवाल : लोगों ने बताया कि इसे डी के नाम से जाना जाता है, क्या इसकी जानकारी पुलिस को है जवाब : हां, यह सही है। पुलिस की जांच में भी आया है कि पूर्वांचल में लोग इस धंधे को डी के नाम से जानते हैं। डी यानी डुप्लिकेट।
सवाल : नकली मोबिल ऑयल के धंधेबाजों ने करोड़ों की संपत्ति बनाई है, उस पर क्या कार्रवाई होगी। जवाब : हर मामले में गैंगस्टर एक्ट लगेगा। अपराध से कमाई संपत्ति जब्त कराई जाएगी।
सवाल : कुल कितने लोगों के नाम सामने आए हैं और कितने आने बाकी हैं। जवाब : कार्रवाई चल रही है। 20 से ज्यादा आरोपी बनाए जा चुके हैं। संख्या अभी बढ़ेगी।