आगरा में खाद्य विभाग की टीम ने खेरागढ़ में बजरंग डेयरी एंड चिलर प्लांट में नकली दूध बनाने का खेल पकड़ा। यहां रिफाइंड, केमिकल, मिल्क पाउडर आदि से नकली दूध तैयार किया जा रहा था। टीम ने 5300 लीटर नकली दूध नष्ट कराते हुए जांच के लिए 10 नमूने लिए हैं। साथ ही प्लांट बंद कराते हुए संचालक पर मुकदमा दर्ज कराया है।
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार की रात 9 बजे खेरागढ़ डूंगरवाला बसई नवाब रोड स्थित बजरंग डेयरी एंड चिलर प्लांट पर छापा मारा। सोमवार की दोपहर तीन बजे तक कार्रवाई पूरी हुई। छापे में मौके पर प्लांट के मैनेजर मध्यप्रदेश के मुरैना निवासी पवन कुमार शर्मा मिले। उन्होंने बताया कि इस प्लांट के मालिक मध्यप्रदेश मुरैना के सबलगढ़ निवासी प्रमोद शर्मा हैं।
प्लांट में रिफाइंड की टिन, पाउडर, केमिकल, पामोलिन ऑयल समेत कई तरह के अज्ञात केमिकल मिले। टीम ने 473 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 1050 किलो रिफाइंड, 540 किलो वनस्पति तेल, 1500 किलो सॉर्बिटॉल (ग्लूकोज) और 1000 किलो अज्ञात केमिकल बरामद किया। इसकी कीमत 6.40 लाख रुपये है। मिक्सर मशीनों से नकली दूध बनाकर टैंकरों में भरा जा रहा था।
मौके पर टैंकरों में 5 हजार लीटर और मिक्चर प्लांट में 300 लीटर नकली दूध मिला। इसे नष्ट करा दिया गया। जब्त किए दूध के पांच और रसायन, वनस्पति तेल, पाउडर और समेत 10 नमूने लेकर लैब भेज दिए हैं।
ऐसे पहचानें नकली दूध
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि एक घूंट दूध पीएं और फिर कुल्ला कर दें। नकली दूध शुरू में मीठा और फिर हल्का कसैला लगेगा। आयोडीन टिंचर दूध में डालने पर दूध का रंग नीला हो जाएगा। मिलावट की शिकायत 18001805533 पर कर सकते हैं।
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