अस्पताल में मरीज की माैत पर फूटा आक्रोश।
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आगरा के थाना सदर क्षेत्र के शहीद नगर स्थित जेके अस्पताल में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को अस्पताल के बाहर सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर यातायात सुचारु कराया। लेकिन परिजन करीब 6 घंटे तक शव को सड़क किनारे रखे रहे। एसीपी सदर के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
बरौली अहीर के गांव रजरई निवासी लाखन सिंह (35) जूता कारीगर थे। परिवार में पत्नी कांता के साथ बेटा रौनक (8), प्रियांशु (4) और बेटी इशिका (6) है। लाखन सिंह के भाई राहुल ने बताया कि रविवार दोपहर को भाई लाखन को पेट दर्द होने पर दोपहर करीब दो बजे जेके हॉस्पिटल, शहीद नगर में भर्ती कराया था।डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पेट में पथरी बताई। उन्हें शाम को भर्ती रखा और सुबह तक पूरी तरह ठीक जाने के बाद छुट्टी कराकर ले जाने के लिए कहा। सुबह तक लाखन ठीक थे।
करीब 10-11 बजे अस्पताल में जमा करने के लिए घर से रुपये मंगाए थे। राहुल का आरोप है कि इसी बीच अस्पतालकर्मी ने भाई को कुछ दवा खाने के लिए दी। इसके 15 मिनट बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। स्टाफ ने एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कहा। वह लोग शमसाबाद रोड के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां देखते ही मृत घोषित कर दिया गया।
इसके बाद परिजन शव काे एंबुलेंस से वापस जेके अस्पताल ले आए। राहुल ने बताया कि अस्पताल स्टाफ ने ठीक से बात नहीं की और न ही भाई की फाइल दी। इस पर परिजन ने दोपहर लगभग 2:30 बजे शव को शहीद नगर तिराहे पर रख दिया। जाम लग गया। सूचना पर पहुंची थाना सदर की पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस ने समझाकर यातायात सुचारु कराया। परिजन शव को सड़क किनारे ही रखकर अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि परिजन को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट होने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी।