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नकली दवाओं के सिंडिकेट का बड़ा खुलासा: लखनऊ की टीम ने तीन दिन की जांच, 18 मेडिकल स्टोरों से 23 लाख की दवा जब्त

Sat, 23 May 2026 11:11 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

टीम को जांच के दाैरान दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड नहीं मिले। स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। ऐसे में टीम ने रिकॉर्ड न दिखाने वाले मेडिकल स्टोरों की दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई। कोल्ड चेन का रखरखाव न करने वाली फर्मों की दवाएं सीज भी की हैं। नमूने लेकर जांच कराई जा रही है।
 
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दवाओं की जांच करतीं औषधि विभाग की अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लखनऊ मुख्यालय की विशेष टीम ने तीन दिन से चल रही कार्रवाई में नकली, सरकारी, एक्सपायरी और सैंपल की दवाओं के सिंडिकेट का खुलासा किया है। ये देश-विदेश की नामी कंपनियों के नाम से अवैध कारोबार करते थे। टीम ने 18 मेडिकल स्टोरों पर छापा मारकर करीब 23 लाख रुपये की संदिग्ध, सैंपल और सरकारी दवाएं जब्त की हैं। जांच के लिए 85 दवाओं के नमूने लिए हैं। कई मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है। साथ ही सभी को नोटिस जारी किए गए हैं।
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लखनऊ के सहायक आयुक्त औषधि बृजेश यादव ने बताया कि विशेष टीम ने दिल्ली एनसीआर के सिंडिकेट का खुलासा किया है। ये नकली, सरकारी, सैंपल और एक्सपायरी दवाओं का अवैध कारोबार करते थे। गोपनीय सूचना पर टीम ने तीन दिन में आगरा में 18 मेडिकल स्टोरों और गोदामों पर छापा मारा। इनमें कई तरह की संदिग्ध दवाएं मिली हैं। ये नकली प्रतीत हो रही हैं।

 

इनमें कई मेडिकल स्टोरों पर सरकारी और सैंपल की दवाएं भी मिली हैं। कोल्डचेन मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड नहीं मिले। स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। ऐेसे में टीम ने रिकॉर्ड न दिखाने वाले मेडिकल स्टोरों की 19.38 लाख रुपये दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई। कोल्ड चेन का रखरखाव न करने वाली फर्मों की 3.6 लाख रुपये की दवाएं सीज भी की हैं। नमूने लेकर जांच कराई जा रही है।

ये मिलीं अनियमितताएं
- नकली दवा : नामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनी के नाम से हुबहू नकली दवाएं पकड़ी गईं।
- एक्सपायरी दवा : इनके रैपर पर एक्सपायरी डेट को केमिकल से मिटाकर या फिर उस पर नया लेबल लगाया गया।
- सरकारी-सैंपल दवा : फिजीशियन और सरकारी दवाओं से वैधानिक चेतावनी और नॉट फॉर सेल हटाकर बिक्री के लिए रखा गया।

 
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इन फर्मों पर की कार्रवाई
- जीत केमिस्ट: कोल्डचेन का बेहतर रखरखाव नहीं मिला। दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल नहीं मिले। 16 लाख के इंजेक्शन फ्रीज कर बिक्री पर रोक लगाई।
- साहनी मेडिकल एजेंसी: खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर पांच लाख की दवाएं फ्रीज कीं। तीन नमूने लिए।
- महादेव मेडिकल: कोल्डचेन मानकों के अनरूप नहीं मिली। दवाओं के बिल नहीं दिखाने पर बिक्री पर रोक लगाते हुए तीन नमूने लिए गए।
- श्री गणेश एंटरप्राइजेज: दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली। दो लाख की दवाएं फ्रीज कर तीन नमूने लिए गए।
- श्री जीएलएस फार्मा: दवाओं की बिक्री के बिल नहीं दिखाने पर 25 हजार की दवाएं फ्रीज करते हुए दो नमूने लिए।
- वीना एंटरप्राइजेज: केनाकॉर्ट की संदिग्ध 293 वाइल मिलीं। इसकी कीमत 58,600 रुपये है। बिक्री पर रोक लगाते हुए तीन नूमने लिए।
- युग फार्मा: जीवनरक्षक इंसुलिन का अवैध स्टॉक बिना कोल्डचेन के मिला। बिल न दिखाने पर 3.6 लाख की दवाएं सीज करते हुए तीन नमूने लिए।
- नंदन फार्मा: इंसुलिन बिना कोल्डचेन के मिलने और बिल नहीं दिखाने पर बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए तीन नमूने लिए।
- जयश्री राम फार्मा: फर्म का लाइसेंस निलंबित है। जांच के लिए चार दवाओं के नमूने लिए गए।
- श्री बिहारी जी फार्मा: नामी कंपनी की ओफ्लोक्सासिन और ऑर्निडाजोल टैबलेट की आईपी संदिग्ध मिलने पर 55 हजार की दवाएं फ्रीज कीं। जांच के लिए दो नमूने लिए।
- श्री वैष्णो फार्मा: पांच दवाएं संदिग्ध मिलीं। जांच के लिए नमूने लिए गए।
- तनिष्का फार्मा: तीन दवाएं संदिग्ध मिलीं। तीन दवाओं के नमूने लिए।
- ज्योति ड्रग हाउस: नारायण दास हंसराजानी का अवैध गोदाम मिला। इसमें सैंपल की दवाएं सीज कर दी गईं। 10 नमूने लिए गए।
- पोरवाल मेडिकल, द्वारिकाधीश मेडिकल एजेंसी, राधे कृपा फार्मा, शारदा मेडिकल, एकांश समेत कई फर्म से 48 नमूने लिए गए।
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