आगरा के हरीपर्वत थाने में सेंट जोंस काॅलेज की बर्खास्त शिक्षिका के खिलाफ फर्जी अंकतालिका से चयनित होने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। काॅलेज के प्राचार्य सचिव ने कहा है कि शिक्षिका के खिलाफ पूर्व में शिकायत की गई थी। समिति की जांच के बाद कार्रवाई हुई। अब उच्च शिक्षा अधिकारी के आदेश पर विधिक कार्रवाई की गई है।
सेंट जोंस काॅलेज के प्राचार्य सचिव ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें डाॅ. विधु ग्रेस नोएल को नामजद किया गया है। कॉलेज में उनका चयन वर्ष 2011 में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में सहायक आचार्य पद पर हुआ था। तब शिक्षिका ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की अंकतालिका लगाई थी।
काॅलेज से सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन दयालबाग निवासी विजय कुमार ने वर्ष 2022 में उन पर 12वीं में अनुत्तीर्ण होने का आरोप लगाया था। इस पर काॅलेज प्रशासन ने जांच कराई। जांच में फर्जी अंकतालिका की बात सामने आने पर 24 मार्च, 2025 को जांच अधिकारी ने रिपोर्ट दी। फर्जी अंकतालिका से चयन के आरोप में प्रबंध समिति ने डाॅ. विधु को डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के अनुमोदन के बाद 19 सितंबर को बर्खास्त कर दिया था।
मामले में शिकायतकर्ता ने विधिक कार्रवाई न होने पर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की। उधर, बर्खास्तगी के खिलाफ शिक्षिका ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की। मामले में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इस आधार पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि प्रबंध समिति की जांच में शिक्षिका दोषी पाई गई थी। फर्जी अंकतालिका से नाैकरी लेने का आरोप लगाया गया है। मामले में साक्ष्य संकलन किया जाएगा। आरोपी शिक्षिका के बयान लिए जाएंगे।