फर्जी मार्कशीट रैकेट में डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर हो चुकी है। आरोपी कर्मचारी पीके सिंह कुंतल को विश्वविद्यालय ने लंबे समय से बिना सूचना के गैरहाजिर होने पर निलंबित कर दिया है। ऐसे ही तीन और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उनका वेतन रोक दिया है। पुलिस से बचने के लिए ये कर्मचारी लंबे समय से फरार हैं।
रैकेट के लिए काम करने वाला कर्मचारी रियाजुद्दीन जेल में है। रियाजुद्दीन को लोक सेवक नियमावली के तहत निलंबित करना चाहिए था, लेकिन विवि ने केवल वेतन रोकने की कार्रवाई की है। राजेश चोपड़ा और सीपी सोनी भी फरार हैं। विश्वविद्यालय नहीं आने पर इनके वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। बता दें, इस मामले में पुलिस अभी तक सात लोगों को जेल भेज चुकी है।