नौसेना और रक्षा मंत्रालय में नौकरी का झांसा देने वाले फर्जी लेफ्टिनेंट कमांडर अतुल माथुर के साथियों की तलाश में एसटीएफ लगी है। यह भी पता चला है कि वह शाॅपिंग साइट से स्टांप पेपर मंगवाता था। इसके लिए किसी सत्यापन की जरूरत भी नहीं पड़ी थी। स्टांप पेपर का प्रयोग बैंक में खाता खुलवाने के लिए आईडी के रूप में किया था। अब एसटीएफ यह पता कर रही है कि बिना सत्यापन के ऑनलाइन स्टांप पेपर कैसे मंगवाए जा रहे थे?
एसटीएफ ने 28 फरवरी को नोएडा से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले अतुल माथुर को गिरफ्तार किया था। वह मूलरूप से नगला अस्थर, सहावर गेट कासगंज का रहने वाला है। उसने तकरीबन 35 युवाओं से तीन करोड़ की ठगी की थी। एसटीएफ ने उससे पूछताछ की।
निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि अतुल माथुर का सहयोग रक्षा मंत्रालय में तैनात अजय उर्फ अनिल करता था। वह युवाओं का गेटपास धोखा देने के लिए बनवाता था। उसकी तलाश की जा रही है। वहीं अतुल के तीन और साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वह लोग युवाओं को लाने का काम करते थे।
अतुल से एक स्टांप पेपर भी बरामद हुआ। पता चला है कि स्टांप पेपर अतुल ने ऑनलाइन शाॅपिंग साइट से मंगवाया था। इसके लिए अपना फर्जी परिचय पत्र दिया था। साइट के माध्यम से कोई सत्यापन नहीं हुआ। उसे नोएडा से जारी स्टांप पेपर भेज दिया गया। अब एसटीएफ शाॅपिंग साइट से स्टांप पेपर के बारे में जानकारी लेगी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका एक बैंक में खाता है।
स्टांप पेपर का प्रयोग खाता खोलने के लिए करता है। स्टांप पेपर पर विभाग से संबंधित जानकारी लिखता था। इसकी मदद से आसानी से खाता खुल जाता है।