कासगंज के जीआरपी में कथित संस्था के द्वारा हेल्थ कार्ड बनाए जाने की मामले की जांच करने पहुंची नाय
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कासगंज। एक कथित कार्यदायी संस्था के पदाधिकारी खुद को सरकार से अधिकृत बताकर हेल्थ कार्ड के नाम से ग्रामीणों से ठगी कर रही थे। तमाम ग्रामीणों को ठगने के बाद कर्मचारी ट्रेन से भाग रहे थे। तभी ग्रामीणों चलती ट्रेन को चेन पुलिंग कर रोका। ग्रामीणों ने संस्था के कर्मियों को पकड़ कर जीआरपी के हवाले कर दिया। डीएम के निर्देश पर सिविल पुलिस, राजस्व व स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने कार्यदायी संस्था को फर्जी बताया। देर रात्रि तक दस्तावेजों की पड़ताल चलती रही।
शुक्रवार को फर्रुखाबाद की कार्यदायी संस्था आईसीए हेल्थ एंड एनवायरनमेंट सोसाइटी के कुछ कर्मचारी ग्राम पंचायत अहरौली में पहुंचे। यहां संस्था की ओर से हेल्थ शिविर लगाया। शिविर में ग्रामीणों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाने लगे। ग्रामीणों को बताया गया कि यह हेल्थ कार्ड सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देगा। परिवार के सदस्यों का पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क होगा। प्रत्येक कार्ड के नाम पर 50 रुपये का शुल्क तय कर दिया। कार्ड के अतिरिक्त घर में प्रति सदस्य के हिसाब से 30 रुपये का शुल्क लेना शुरू कर दिया। तमाम लोगों ने कार्ड बनवा लिए। लोगों को बताया कि यह पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। दोपहर के बाद संस्था के कर्मचारी कार्ड बनाकर कासगंज जंक्शन स्टेशन पहुंच गए। ग्रामीणों ने इंटरनेट पर कुछ जानकारों से कार्ड की स्थिति जाननी चाही तो इंटरनेट पर कुछ नहीं दर्शाया गया। ग्रामीणों ने कार्ड फर्जी माने। ग्रामीणों ने संस्था के कर्मचारियों का पीछा किया। तब तक कर्मचारी ट्रेन में बैठ चुके थे। शाम साढ़े चार बजे ट्रेन फर्रुखाबाद की ओर रवाना होने लगी। ग्रामीण दौड़ कर ट्रेन में चढ़ गए और चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक ली। चारों कर्मियों को जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी होने पर चंद्रप्रकाश सिंह ने नायब तहसील प्रीती चौधरी और सिविल पुलिस को मौके पर पहुंचा। देर शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने प्रथम दृष्टया यह संस्था फर्जी बताई है।
कासगंज। पुलिस ने संस्था के कर्मचारी फर्रुखाबाद के नगला विलाई खां निवासी अब्दुल हजीज सिद्दकी, गोआई निवासी रीनू तिवारी, नकाशा चौकी निवासी गजाला, लाल दरवाजा निवासी पूजा मिश्रा को हिरासत में लिया है, इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व एवं पुलिस की टीम जांच के लिए भेजी गई है। जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने संस्था संदिग्ध पाई है। कार्रवाई चल रही है। चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम